रायसेन | मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के किसानों की मेहनत अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। कभी सांची, भीमबेटका और भोजपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाने वाला रायसेन जिला अब विदेशों में अपने बासमती चावल की बेहतरीन गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। रायसेन का बासमती चावल दुनिया के 47 से अधिक देशों में निर्यात किया जा रहा है, जिससे लगभग ₹1,800 करोड़ से अधिक का विदेशी व्यापार हो रहा है।

यह जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ के दौरान किसानों को वर्चुअली (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) संबोधित करते हुए दी।

किसानों के खेत हमारे लिए देव स्थल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि:

“किसानों के खेत हमारे लिए देव स्थल हैं और उनका उगाया दाना-दाना हमारे लिए प्रसाद स्वरूप है। प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है।”

मुख्यमंत्री ने किसानों से पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक पद्धतियों और उद्यानिकी फसलों (Horticulture) को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार खेत से लेकर बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला (Value Chain) को मजबूत कर रही है—जिसमें फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सरकार की किसान-हितैषी नीतियों की जानकारी देते हुए मुख्य बातें साझा कीं:

 4 गुना मुआवजा: अब किसी भी शासकीय परियोजना के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण पर किसानों को भूमि का पूरा 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा।

 ‘कवच योजना’ से मिला आर्थिक संबल: सहकारी खातों की पुरानी समस्याओं को दूर कर 5,000 किसानों को ऋण और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण तथा भुगतान के लिए पूरे 12 महीने का समय दिया जा रहा है।

 एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध: नकली और मिलावटी एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी गई है। अब केवल दूध से बना शुद्ध पनीर ही बिकेगा, जिससे पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ेगी।

 बलराम कृषि महोत्सव: 15 जुलाई से 13 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत पूरा प्रशासन किसानों के बीच जाकर उन्हें आधुनिक खेती की तकनीक बता रहा है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार

सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को मजबूत बना रही हैं।

 ₹12,000 की वार्षिक सहायता: ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (₹6,000) और ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ (₹6,000) को मिलाकर किसानों को हर साल कुल ₹12,000 की सीधी वित्तीय सहायता दी जा रही है।

 कृषि यंत्रों, खाद-बीज पर अनुदान और बेहतर सिंचाई सुविधाओं से खेती लगातार लाभ का धंधा बन रही है।

प्रगतिशील किसान और मेधावी छात्र हुए सम्मानित

समारोह के दौरान जिले के प्रगतिशील किसानों और बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक लाने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और जिले भर से आए बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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