मुंबई/13 मार्च 2026: ईरान में छिड़े युद्ध की आंच अब भारत के बाजारों तक पहुँच गई है। शुक्रवार का दिन अर्थव्यवस्था के लिए बेहद भारी रहा। शेयर बाजार में मचे कोहराम से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं। वहीं, डर के इस माहौल में लोगों ने सोने-चांदी को सुरक्षित मानकर जमकर खरीदारी की है, जिससे इनके रेट आसमान छू रहे हैं। बाजार का आज का हाल: • शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा तेजी से निकाल लिया है, जिससे बाजार में डर का माहौल है। • सोने-चांदी में आग: युद्ध के डर से सोना 1,60,000 रुपये (10 ग्राम) के पार और चांदी 2,80,000 रुपये (1 किलो) के करीब पहुँच गई है। भोपाल के लोकल सर्राफा बाजार में भी आज भारी उथल-पुथल देखने को मिली। कोरोना (2020) के बाद हालात इतने खराब क्यों माने जा रहे हैं? बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च 2020 के लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था पर यह सबसे बड़ा हमला है। आम आदमी और देश की अर्थव्यवस्था पर इसके 4 सबसे बड़े असर पड़ रहे हैं: 1. महंगा कच्चा तेल (पेट्रोल-डीजल पर असर) युद्ध की वजह से कच्चा तेल (Crude Oil) 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुँच गया है। भारत अपना 85% तेल बाहर से खरीदता है। तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन (माल ढुलाई) महंगा होगा। इसका सीधा असर हमारी रसोई के बजट पर पड़ेगा और फल-सब्जी से लेकर हर जरूरी चीज महंगी हो जाएगी। 2. रुपये की ऐतिहासिक गिरावट डॉलर के मुकाबले हमारा रुपया कमजोर होकर 92 के पार चला गया है। इसका मतलब है कि भारत को विदेशों से सामान (जैसे मोबाइल पार्ट्स, मशीनें, कच्चा माल) मंगाने के लिए अब ज्यादा पैसे देने होंगे, जिससे देश में हर चीज की लागत बढ़ जाएगी। 3. विदेशी निवेशकों का डर जब भी दुनिया में ऐसा कोई संकट आता है, तो विदेशी निवेशक घबराकर भारत जैसे देशों के शेयर बाजार से अपना पैसा निकाल लेते हैं और सोने या डॉलर में निवेश करते हैं। इसी भारी बिकवाली की वजह से शेयर बाजार बुरी तरह गिर रहा है और आम निवेशकों का नुकसान हो रहा है। 4. व्यापार (सप्लाई चेन) पर ब्रेक मिडिल ईस्ट के रास्ते जहाजों से होने वाला व्यापार खतरे में आ गया है। जहाजों का किराया और बीमा बहुत महंगा हो गया है। इससे भारत के आयात और निर्यात दोनों पर भारी असर पड़ रहा है, जिससे कंपनियों का मुनाफा घटेगा। एक तरफ महंगाई का बढ़ता खतरा और दूसरी तरफ बिजनेस व शेयर बाजार में भारी नुकसान। इन्हीं दोहरी मार की वजह से देश की हालत को कोरोना काल जितना ही मुश्किल और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: महिलाओं के लिए ‘पीरियड लीव’ अनिवार्य नहीं, कहा- कानून बना तो छिन सकती हैं नौकरियां! ईरान के रास्ते से निकले भारतीय LPG जहाज, क्या अब देश में खत्म होगी गैस की किल्लत?