नए शैक्षणिक सत्र (Academic Session) की शुरुआत से ठीक पहले, भोपाल जिला प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों (Parents) पर किताबें, यूनिफॉर्म, टाई या जूते किसी एक विशेष दुकान (Specific Shop) से ही खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसी मोनोपॉली को तोड़ने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights):

8 SDM की विशेष टीम तैनात: भोपाल कलेक्टर ने जिले के 8 एसडीएम (Sub-Divisional Magistrates) और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस मामले में कड़ी निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

विशेष दुकान से खरीदारी का दबाव नहीं: कोई भी प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को किसी चुनिंदा दुकान से यूनिफॉर्म, स्टेशनरी या किसी विशेष पब्लिशर की महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य (Force) नहीं कर सकता है।

खुले बाजार से खरीदारी की छूट: अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार, खुले बाजार में किसी भी दुकान से बच्चों की स्कूल सामग्री खरीदने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

• कठोर कार्रवाई की चेतावनी: यदि कोई स्कूल प्रबंधन और दुकानदार मिलीभगत (Tie-up) करके अभिभावकों का आर्थिक शोषण करते हुए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता (Affiliation) रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।

शिकायत कहां करें: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल ऐसा दबाव बनाता है, तो अभिभावक इसकी शिकायत सीधे संबंधित एसडीएम कार्यालय या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से कर सकते हैं।

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