नई दिल्ली/काबुल (17 मार्च 2026):

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब एक पूरी तरह से भीषण युद्ध में बदल चुका है। फरवरी के अंत से शुरू हुई यह गोलाबारी अब सीधे शहरों और आम लोगों तक पहुँच गई है। आज की सबसे दिल दहला देने वाली खबर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से आई है, जहां एक अस्पताल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

काबुल के अस्पताल पर बड़ा हमला

अफगानिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र (अस्पताल) पर भयानक एयरस्ट्राइक की है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण हमले में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने इस खास अस्पताल को निशाना बनाने के दावों को पूरी तरह से नकार दिया है।

सीमा पर घमासान: दोनों देशों के अपने-अपने दावे

इस युद्ध में दोनों ही देश एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा कर रहे हैं:

तालिबान का पलटवार: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनके लड़ाकों ने सीमा पर चल रही जंग में 30 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। इसके साथ ही कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों (Border Posts) पर कब्ज़ा करने का दावा भी किया गया है।

पाकिस्तान का बड़ा दावा: दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सेना का कहना है कि 26 फरवरी से शुरू हुए उनके सैन्य ऑपरेशन में अब तक 600 से ज्यादा तालिबानी लड़ाके मारे जा चुके हैं। पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की बात कह रहा है।

आखिर क्यों हो रही है यह जंग?

इस युद्ध की असली वजह पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले हैं। हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद सहित कई शहरों में बड़े आतंकी हमले हुए हैं। पाकिस्तान का सीधा आरोप है कि ये हमले ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) नाम का आतंकी संगठन कर रहा है और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन्हें अपने देश में पनाह दे रही है। इसी के जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, खोस्त, काबुल और कंधार जैसे इलाकों में बमबारी शुरू की है।

आम लोगों पर मंडरा रहा है बड़ा संकट

इस युद्ध की सबसे बड़ी कीमत आम जनता चुका रही है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चिंता जताते हुए बताया है कि इस जंग की वजह से अब तक 115,000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं और उन्हें अपनी जान बचाकर सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा है। सीमा से लगे इलाकों में दर्जनों अस्पताल और स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे हालात और भी खराब हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र लगातार दोनों देशों से युद्ध रोकने की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

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