कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और राज्य सरकार के कामकाज को लेकर कड़े प्रहार किए। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए बंगाल की जनता के सामने कई गंभीर मुद्दे उठाए। असम और बंगाल की तुलना अमित शाह ने दावा किया कि असम में जब से नई सरकार आई है, वहां से घुसपैठ 100% रुक गई है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब देश में घुसपैठ के लिए केवल पश्चिम बंगाल का ही रास्ता बचा है, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। 15 साल के कामकाज पर ‘चार्जशीट’ गृह मंत्री ने मौजूदा राज्य सरकार के 15 साल के कार्यकाल के खिलाफ एक ‘चार्जशीट’ (आरोप पत्र) जारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल अब भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और ‘सिंडिकेट राज’ का अड्डा बन चुका है। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जताई और वादा किया कि अगर उनकी सरकार आती है, तो महिलाओं पर अत्याचार करने वाले अपराधियों को सीधा जेल भेजा जाएगा। बॉर्डर फेंसिंग और OBC आरक्षण पर सवाल शाह ने एक और बड़ा आरोप लगाया कि राज्य सरकार सिर्फ अपने वोट बैंक को बचाने के लिए सीमा पर तारबंदी (Border Fencing) के लिए ज़मीन नहीं दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार द्वारा 77 नए समुदायों को OBC लिस्ट में शामिल करने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इनमें से 75 समुदाय एक ही धर्म के हैं, और धर्म के आधार पर ऐसा करना संविधान के खिलाफ है। जनता से बदलाव की अपील अंत में अमित शाह ने बंगाल की जनता से बिना किसी डर के मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे असम की जनता ने शांति और विकास का रास्ता चुना है, वैसे ही बंगाल को भी अब एक नए और सुरक्षित विकल्प की जरूरत है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation ईरान के तेल पर ट्रंप का 30 दिन का ऑफर: रिलायंस की खरीदारी निकली अफवाह, जानें क्या है पूरा सच बंगाल चुनाव 2026: दीदी की बढ़त, BJP का दावा, और ओवैसी-हुमायूं कबीर गठबंधन से बढ़ा ‘खेला’ का डर