‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत ने रक्षा और एविशन सेक्टर में एक और मील का पत्थर छू लिया है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और फ्रांस की दिग्गज कंपनी एयरबस ने मिलकर भारत की पहली प्राइवेट हेलीकॉप्टर फैक्ट्री शुरू कर दी है। यह प्लांट कर्नाटक के वेमागल (Vemagal) में स्थापित किया गया है।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL) का उद्घाटन किया। यह पहली बार है जब कोई प्राइवेट भारतीय कंपनी (टाटा) पूर्ण रूप से हेलीकॉप्टर का निर्माण करेगी।

इस फैक्ट्री में दुनिया के सबसे भरोसेमंद हेलीकॉप्टरों में से एक ‘H-125’ (जिसे पहले ‘Squirrel’ कहा जाता था) का निर्माण होगा। यह सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग न केवल सेना और निगरानी कार्यों के लिए किया जाएगा, बल्कि इसे वीआईपी ट्रांसपोर्ट, पर्यटन और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS) के लिए भी बेचा जाएगा।

भविष्य की योजनाएं:

टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि पहला ‘मेड इन इंडिया’ H-125 हेलीकॉप्टर साल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे और भारत हेलीकॉप्टर निर्यात (Export) करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।

फैक्ट्री लोकेशन: वेमागल, कर्नाटक।

साझेदारी: टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और एयरबस।

• मॉडल: H-125 (नागरिक और सैन्य उपयोग दोनों)।

रोजगार: एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में भारतीय युवाओं को नए मौके मिलेंगे।

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