मध्य प्रदेश में रबी फसलों की सरकारी खरीदी (Uparjan) 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। एक तरफ किसान इस साल बढ़े हुए समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर उत्साहित हैं, तो दूसरी तरफ अचानक बदले मौसम ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है। जानिए इस साल की सरकारी खरीदी के नए रेट, तारीखें और मौसम से जुड़ी किसानों की चिंता की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी टेंशन खेतों में गेहूं, चना और सरसों की फसल पककर पूरी तरह तैयार है, लेकिन मध्य प्रदेश के कई जिलों में अचानक हो रही बेमौसम बारिश, तेज आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने किसानों की टेंशन बढ़ा दी है। किसानों को सबसे बड़ा डर यह है कि बारिश के कारण गेहूं की चमक (Shine) फीकी पड़ सकती है और दाने में नमी (Moisture) बढ़ सकती है। अगर फसल में नमी ज्यादा हुई, तो सरकारी खरीदी केंद्रों पर फसल रिजेक्ट होने का खतरा बन जाता है। सरकार ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर अनाज को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और सुरक्षित जगह की पूरी व्यवस्था रखी जाए। साल 2026-27 के लिए फसलों के नए सरकारी रेट (MSP) इस बार किसानों को मंडी में अपनी उपज का पिछले साल से बेहतर दाम मिलने वाला है। सरकार ने रेट इस प्रकार तय किए हैं: • गेहूं (Wheat): 2625 रुपये प्रति क्विंटल (इसमें 2585 रुपये केंद्र का MSP और 40 रुपये मध्य प्रदेश सरकार का बोनस शामिल है)। • चना (Gram): 5875 रुपये प्रति क्विंटल। • सरसों (Mustard): 6200 रुपये प्रति क्विंटल। • मसूर (Lentil): 7000 रुपये प्रति क्विंटल। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी को दो अलग-अलग चरणों में बांटा गया है: • पहला चरण (1 अप्रैल 2026 से): मालवा-निमाड़ और मध्य क्षेत्र के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में। • दूसरा चरण (7 अप्रैल 2026 से): जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, रीवा और शहडोल सहित बाकी सभी संभागों में। • समय: खरीदी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किसानों की फसल तौली जाएगी। क्या है FCI और सरकार का खरीदी लक्ष्य? देश भर में राशन बांटने और इमरजेंसी स्टॉक (Buffer Stock) रखने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) हर साल बंपर खरीदी करता है। • राष्ट्रीय लक्ष्य: इस साल पूरे देश से कुल 303 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का बड़ा टारगेट रखा गया है। • MP का लक्ष्य: इसमें अकेले मध्य प्रदेश से लगभग 78 – 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा। • किसान रजिस्ट्रेशन: मध्य प्रदेश में इस बार लगभग 19 लाख किसानों ने अपना गेहूं और अन्य फसलें सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अप्रैल से मध्य प्रदेश में महंगी होगी बिजली, जानिए आपकी जेब पर असर और क्या इससे सरकार को होगा फायदा? मुस्लिम संगठनों की ‘गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने’ की मांग, देश की राजनीति में किसे फायदा, किसे नुकसान?