कोलकाता/ पश्चिम बंगाल: मध्य प्रदेश से लेकर कई राज्यों में चुनाव जीतने की चाबी बनी ‘लाडली बहना योजना’, लेकिन क्या पश्चिम बंगाल में BJP का यह मास्टरस्ट्रोक काम आएगा? असल में बंगाल की सियासी पिच बिल्कुल अलग है! यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘डायरेक्ट बेनिफिट’ के मामले में सालों से बैटिंग कर रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दीदी पहले से ही खजाना लुटा रही हैं, तो इस बार बंगाल फतह के लिए BJP के पास क्या मुद्दे होंगे? आइए करते हैं इसका सटीक विश्लेषण। दीदी का अभेद्य किला: ‘कन्याश्री’ और ‘लक्ष्मी भंडार’ जिन योजनाओं के दम पर अन्य राज्यों में सरकारें बन रही हैं, ममता बनर्जी उन्हें बंगाल में बहुत पहले लागू कर चुकी हैं: • कन्याश्री (2013): 13 साल पहले शुरू हुई इस योजना ने स्कूली बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाकर TMC के प्रति परिवारों का भरोसा पक्का किया। 18 साल की उम्र में मिलने वाले 25,000 रुपये ने इसे सुपरहिट बना दिया। • लक्ष्मी भंडार (2021): 2021 के विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद दीदी ने यह मास्टरस्ट्रोक चला। आज बंगाल की करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 1000 से 1200 रुपये सीधे पहुँच रहे हैं। इस योजना ने महिलाओं का एक ऐसा पक्का वोट बैंक तैयार कर दिया है, जिसे तोड़ना किसी भी विरोधी दल के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है। जब पैसे पहले से मिल रहे हैं, तो BJP का दांव क्या होगा? BJP बहुत अच्छी तरह जानती है कि बंगाल में ‘हम पैसे देंगे’ वाला वादा ज्यादा असर नहीं करेगा, क्योंकि जनता को वो पहले से मिल रहा है। ऐसे में राजकाज न्यूज़ के विश्लेषण के अनुसार, BJP इन 4 बड़े और दमदार मुद्दों पर TMC को घेरेगी: 1. भ्रष्टाचार और घोटालों का पहाड़: स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाला (SSC Scam) से लेकर राशन घोटाले तक, TMC के कई बड़े नेता और मंत्री जांच के घेरे में हैं। BJP इसे घर-घर तक पहुँचाकर ‘भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल’ का नारा बुलंद करेगी। 2. कानून व्यवस्था और ‘संदेशखाली’: ‘लक्ष्मी भंडार’ के बावजूद महिला सुरक्षा एक बड़ा सवाल है। संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार और गुंडागर्दी के मुद्दे को BJP सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनाएगी, ताकि TMC के महिला वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। 3. रोजगार और पलायन (कहाँ हैं कंपनियाँ?): पैसे तो मिल रहे हैं, लेकिन बंगाल के युवाओं के लिए नौकरियाँ कहाँ हैं? बड़े उद्योग राज्य से क्यों दूर हैं? BJP यह सवाल उठाएगी कि सिर्फ गुजारे भत्ते से काम नहीं चलेगा, बंगाल को फैक्ट्रियों और पक्के रोजगार की जरूरत है। 4. घुसपैठ और CAA: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और बॉर्डर से होने वाली घुसपैठ का मुद्दा BJP के कोर एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। कुल मिलाकर, बंगाल का यह आगामी चुनाव ‘मुफ्त की योजनाओं’ और ‘भ्रष्टाचार व रोजगार’ के मुद्दों के बीच का सीधा महासंग्राम होने वाला है। ममता बनर्जी को अपने लाभार्थियों पर पूरा भरोसा है, तो BJP जनता के उस गुस्से को वोट में बदलना चाहती है जो घोटालों और बेरोजगारी को लेकर सुलग रहा है। बंगाल की जनता किस पर मुहर लगाएगी, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation सदन में शिवराज का बड़ा हमला: ‘गांधी जी ने कहा था कांग्रेस खत्म करो’, बयान पर विपक्ष हुआ आगबबूला केरल चुनाव 2026: क्या वामपंथ के गढ़ में ‘कमल’ खिला पाएगी बीजेपी?