इंदौर।भोपाल: मध्य प्रदेश को आर्थिक बदहाली के कगार पर पहुंचाने का सीधा आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने महज चुनावी लालच और सत्ता बचाने की खातिर ‘लाड़ली बहना’ जैसी रेवड़ियों वाली योजनाएं शुरू कर राज्य को 6 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज़ के दलदल में धकेल दिया है। आज हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि इस वित्तीय गड्ढे से प्रदेश को उबारना अब मौजूदा सरकार या किसी के बस की बात नहीं रही। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र के ‘रूबरू’ कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने प्रदेश की चरमराती अर्थव्यवस्था और बेलगाम प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर तीखे प्रहार किए। चुनावी फायदे के लिए खाली कर दिया खज़ाना, अब विकास के काम ठप दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनावी फायदे के लिए बिना वित्तीय योजना के शुरू की गई ‘लाड़ली बहना योजना’ आज सरकार के गले की फांस बन चुकी है। राज्य का खज़ाना पूरी तरह खाली हो चुका है और सरकार को यह समझ नहीं आ रहा कि इस भयंकर आर्थिक संकट से कैसे निपटा जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस दलदल में शिवराज सिंह प्रदेश को धकेल कर गए हैं, अब उसका हल भी वही बता सकते हैं, क्योंकि वित्तीय इंतज़ाम न होने से प्रदेशभर में विकास के सारे बड़े और बुनियादी काम पूरी तरह ठप पड़ चुके हैं। कलेक्टर-एसपी की रेट लिस्ट तय, राज्य में भ्रष्टाचार बना ‘सदाचार’ प्रशासनिक तंत्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब कोई अपराध नहीं, बल्कि ‘सदाचार’ बन चुका है और जनता भी मजबूरी में इस सड़ चुकी व्यवस्था की आदी हो गई है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के कलेक्टर, एसपी से लेकर थानों के प्रभारियों तक की पोस्टिंग भारी रकम लेकर की जा रही है और पूरे सिस्टम में सबकी बाकायदा ‘रेट लिस्ट’ चल रही है। पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं, गांधीवादी ‘जेन-ज़ी’ को सराहा सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में पीड़ितों की आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है। यह पहली ऐसी सरकार है जो जनता के बुनियादी मुद्दों को सीधे सिरे से नकार रही है। अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनके समय सरकार खुद आंदोलनकारियों से संवाद करती थी। इसके साथ ही उन्होंने नई पीढ़ी (Gen-Z) की तारीफ करते हुए कहा कि वे गांधीवादी तरीके से संघर्ष कर सरकार को अपने हक के आगे झुकने पर मजबूर कर रहे हैं। दलबदलुओं की घर वापसी पर सख्त नसीहत कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले नेताओं की संभावित ‘घर वापसी’ पर दिग्विजय सिंह ने सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में पद और कुर्सी से कहीं ऊपर विचारधारा होती है, और अस्थिर चरित्र वाले लोग कभी किसी के सगे नहीं होते। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट राय दी कि ऐसे किसी भी नेता को वापस लेने से पहले संबंधित क्षेत्र के जमीनी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से राय-मशविरा अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation SEIAA में बड़ा प्रशासनिक टकराव, अध्यक्ष ने वरिष्ठ IAS अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप; CBI जांच और निलंबन की मांग