रतलाम:

मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना में लापरवाही और शासकीय कार्यों में उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों पर रतलाम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रतलाम कलेक्टर एवं नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी अजय कटेसरिया ने रतलाम ग्रामीण तहसील में पदस्थ 4 परिवीक्षाधीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें अंकित गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप राठौड़, सौरभ पुरोहित और यशवर्धन शर्मा शामिल हैं।

लक्ष्य पूरा न करने और खराब परफॉर्मेंस पर गिरी गाज

राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन के लिए समयबद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसमें हितग्राहियों के सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करने का जिम्मा पटवारियों को सौंपा गया था। समीक्षा बैठक के दौरान पाया गया कि चारों पटवारी अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में लगातार असफल रहे और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की भी अनदेखी की गई। परिवीक्षा अवधि के समग्र कार्य मूल्यांकन में इनका प्रदर्शन असंतोषजनक पाए जाने के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।

सेवा शर्तों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के नियम 8(4) और नियुक्ति आदेश में दी गई परिवीक्षा शर्तों के तहत की गई है। कलेक्टर ने तहसीलदार रतलाम ग्रामीण को आदेश दिया है कि बर्खास्त किए गए चारों पटवारियों से शासकीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और पूरा प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। जिले में एक साथ 4 पटवारियों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप का माहौल है।

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