राजधानी भोपाल। मध्य प्रदेश:

भोपाल में अगर आप बाहर खाना खाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। शहर के नामी और भीड़भाड़ वाले बड़े रेस्टोरेंट्स में लोगों की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। कलेक्टर भोपाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के प्रमुख ठिकानों— होटल रंजीत लेक व्यू, बापू की कुटिया और माता मंदिर स्थित सागर गैरे पर अचानक सघन निरीक्षण की कार्रवाई की। जांच के दौरान जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।

​काली मिर्च में पपीते के बीज, सागर गैरे में खुली मिली किचन

​माता मंदिर के पास स्थित सागर गैरे रेस्टोरेंट (संचालक अनुराग जैन) में टीम को भारी अनियमितताएं मिलीं:

  • ​मिलावट का लाइव डेमो: जांच के दौरान काली मिर्च में मिलावट का शक होने पर जब मौके पर टेस्ट किया गया, तो उसमें पपीते के बीज तैरते मिले। इसका विधिक नमूना जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
  • ​मिसब्रांडेड पाउडर: यहां एक संदिग्ध सफेद पाउडर (फेरी/फरारी पैक) मिला, जिसकी पैकिंग मिसब्रांडेड पाई गई। इसका भी सैंपल लिया गया है।
  • ​गंदगी और लीकेज: रेस्टोरेंट की किचन सड़क की तरफ खुली पाई गई। स्टोरेज रूम में लीकेज था, जिससे खाने के दूषित होने का पूरा खतरा था।
  • ​नियमों की अनदेखी: कोल्ड स्टोरेज में खाना अव्यवस्थित और खुले में रखा था। वर्करों का मेडिकल फिटनेस, पेस्ट कंट्रोल और पानी की शुद्धता (Water Potability) की रिपोर्ट तक गायब मिली।

बापू की कुटिया: न पानी की जांच रिपोर्ट, न वर्करों का मेडिकल

​बापू की कुटिया (बी.के. फूड्स हॉस्पिटैलिटी) में जांच दल को नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं:

  • ​दस्तावेजों में खेल: मौके पर न तो FSSAI का लाइसेंस लगा था, न वर्करों के मेडिकल चेकअप का कोई रिकॉर्ड मिला।
  • ​पानी की टंकी तक का हिसाब नहीं: ग्राहकों को परोसे जाने वाले पानी की टेस्टिंग (Water Potability Report), पानी की टंकी की सफाई का प्रमाण और NABL लैब की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी।
  • सैंपल जब्त: टीम ने यहां से तैयार लाल ग्रेवी और घी के नमूने लेकर सील किए हैं!

होटल रंजीत लेक व्यू: काली कढ़ाई में बन रहा था खाना

​होटल रंजीत लेक व्यू में स्टाफ के एप्रन और टोपी पहनने जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं तो ठीक मिलीं, लेकिन किचन के रखरखाव में गंभीर खामियां उजागर हुईं:

  • ​किचन में फ्राइंग कढ़ाई जली और अत्यधिक काली हालत में पाई गई।
  • ​ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं था और डस्टबिन खुले पड़े थे।
  • ​खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार सूचना पत्र (Improvement Notice) थमा दिया है।

​कुल 4 सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद दर्ज होगी FIR

​खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीनों ठिकानों से कुल 4 प्रमुख नमूने (घी, लाल ग्रेवी, काली मिर्च और संदिग्ध सफेद पाउडर) जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं।

​अधिकारियों का कहना है कि लैब से जांच रिपोर्ट आते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act), 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावट साबित होने पर भारी जुर्माना और सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। राजधानी में खाद्य प्रतिष्ठानों पर यह सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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