नई दिल्ली: भारत मंडपम में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में भारत ने वैश्विक पटल पर ऐतिहासिक कूटनीतिक छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी 11 सदस्य देशों ने 140 पैराग्राफ वाले ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration 2026) को सर्वसम्मति से पारित किया। इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत ’10-सूत्रीय वैश्विक सुधार रोडमैप’ (10-Point Reform Agenda)। पीएम मोदी ने साफ कहा कि 20वीं सदी के बने संस्थान 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान नहीं कर सकते। उन्होंने आह्वान किया कि ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) को अब केवल अंतरराष्ट्रीय नियम मानने वाला (Rule-taker) नहीं, बल्कि नीतियां तय करने वाला (Rule-shaper) बनना होगा। यदि ये 10 सूत्र धरातल पर पूरी तरह लागू होते हैं, तो यह वैश्विक संतुलन को हमेशा के लिए बदल देगा और भारत को एक सच्चे ‘विश्वगुरु’ के रूप में स्थापित करेगा। पीएम मोदी के 10 प्रमुख सूत्र (10-Point Agenda) 1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में त्वरित सुधार संयुक्त राष्ट्र के पुराने ढांचे को बदलकर सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और भारत जैसे बड़े लोकतंत्रों को स्थायी प्रतिनिधित्व देना, ताकि वैश्विक निर्णय निष्पक्ष हो सकें। 2. बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों (IMF और वर्ल्ड बैंक) का लोकतंत्रीकरण वैश्विक कर्ज और फंडिंग एजेंसियों में विकसित देशों के एकाधिकार को खत्म कर ग्लोबल साउथ के देशों का वोटिंग शेयर और कोटा बढ़ाना। 3. स्थानीय मुद्राओं में सीमा-पार व्यापार (De-Dollarisation) द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार के लिए डॉलर पर निर्भरता घटाकर सदस्य देशों की अपनी स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में व्यापारिक भुगतान को बढ़ावा देना। 4. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और पेमेंट सिस्टम का एकीकरण भारत के सफल यूपीआई (UPI) मॉडल की तर्ज पर सदस्य देशों के राष्ट्रीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ना, जिससे अंतरराष्ट्रीय लेन-देन सुरक्षित, तेज और सस्ता बने। 5. आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक ‘जीरो टॉलरेंस’ फ्रेमवर्क सीमा-पार आतंकवाद, टेरर फंडिंग और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ दोहरे मापदंड (Double Standards) पूरी तरह खत्म कर सख्त अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना। 6. सप्लाई चेन का विविधीकरण और लचीलापन (Resilient Supply Chains) दवाओं, सेमीकंडक्टर, खाद्यान्न और जरूरी सामानों की वैश्विक सप्लाई को किसी एक देश या संकट के भरोसे रखने के बजाय लचीला और बहुपक्षीय बनाना। 7. समुद्री सुरक्षा और ‘सीफेरर्स इमरजेंसी नेटवर्क’ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को समुद्री डकैती और हमलों से सुरक्षित रखना तथा दुनिया भर के नाविकों की संकट में रक्षा के लिए तत्काल सहायता नेटवर्क तैयार करना। 8. निष्पक्ष और पारदर्शी जलवायु वित्तपोषण (Climate Justice & Finance) पर्यावरण संरक्षण के नाम पर विकासशील देशों पर शर्तें थोपने के बजाय विकसित देशों द्वारा घोषित क्लाइमेट फंड और हरित तकनीकों को बिना रुकावट उपलब्ध कराना। 9. तकनीकी असमानता का अंत और एआई (AI) गवर्नेंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों पर कुछ चुनिंदा कंपनियों या देशों का नियंत्रण न रहे; तकनीक का विकास मानव-केंद्रित, सुरक्षित और सबके लिए सुलभ हो। 10. महिला-नेतृत्व वाला डिजिटल और आर्थिक विकास ‘ब्रिक्स विमेंस डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग’ के जरिए नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और आर्थिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता देना। जमीनी क्रियान्वयन क्यों बनाएगा भारत को ‘विश्वगुरु’? आर्थिक संप्रभुता और दबदबा: स्थानीय मुद्राओं और डिजिटल पेमेंट नेटवर्क के जुड़ने से पश्चिमी वित्तीय प्रतिबंधों का डर समाप्त होगा, जिसका नेतृत्व भारत की डिजिटल ताकत करेगी। विकासशील देशों का निर्विवाद नेता: 10 सूत्रों के जरिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका की चिंताओं को आवाज देकर भारत ने खुद को निष्पक्ष मार्गदर्शक साबित किया है। कूटनीतिक संतुलन: वैश्विक तनावों के बीच सभी महाशक्तियों को एक मंच पर लाकर सर्वसम्मत घोषणापत्र तैयार कराना भारत की रणनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है। यदि यह रोडमैप कागजों से निकलकर जमीनी हकीकत बनता है, तो दुनिया की नीति तय करने की चाबी भारत के हाथ में होगी—जो विश्वगुरु बनने की सबसे मजबूत नींव है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation 18th BRICS Summit 2026: दिल्ली में विश्व शक्तियों का जमावड़ा, जानिए शुरुआती अपडेट्स और ब्रिक्स का पूरा महत्व दिल्ली के स्वरूप नगर में भीषण आग: जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग, 6 घायल; 15 गाड़ियों ने पाया काबू