नई दिल्ली / वाशिंगटन: सोशल मीडिया की लत और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे असर को देखते हुए अब भारत से लेकर अमेरिका तक की सरकारें मेटा (Meta) के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना रही हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को घंटों ऐप से बांधे रखने के तरीकों (अटेंशन इकॉनमी) पर अब कानूनी ब्रेक लगाने की तैयारी कर ली गई है। विशेषज्ञों और कोर्ट में दाखिल याचिकाओं के अनुसार, मेटा का एल्गोरिदम इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह युवाओं के दिमाग में ‘डोपामाइन लूप’ पैदा करता है। इससे कम उम्र के यूजर्स में पढ़ाई से ध्यान भटकना, डिप्रेशन, एंग्जायटी और नींद की कमी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। सरकारों के बड़े और कड़े कदम: अमेरिका में कानूनी शिकंजा: अमेरिका के 30 से ज्यादा राज्यों ने मेटा पर मुकदमे दर्ज किए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर ऐसे फीचर्स (जैसे- रील्स, इनफिनिट स्क्रॉलिंग, पुश नोटिफिकेशंस) बनाए हैं जो बच्चों को प्लेटफॉर्म का आदी बनाते हैं। भारत में डेटा और प्राइवेसी पर सख्ती: भारत सरकार डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों के तहत बच्चों के डेटा ट्रैकिंग और उन्हें टार्गेटेड विज्ञापन दिखाने पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। बिना गार्जियन की अनुमति के बच्चों के डेटा का इस्तेमाल अब भारी जुर्माना ला सकता है। यूरोप का सख्त रुख: यूरोपीय संघ (EU) ने भी डिजिटल सर्विस एक्ट (DSA) के तहत मेटा पर कड़े नियम लागू किए हैं, ताकि युवाओं के स्क्रीन टाइम और उनके मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट पर रोक लगाई जा सके। मेटा को बदलने पड़ रहे नियम सरकारों के इस बढ़ते दबाव के बाद मेटा को भी अपने प्लेटफॉर्म्स में कुछ बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है: 1. पेरेंटल कंट्रोल फीचर्स: माता-पिता को यह अधिकार दिया जा रहा है कि वे अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम तय कर सकें। 2. नाइट अलर्ट्स (Night Alerts): देर रात तक रील्स देखने वाले टीनेजर्स को ऐप बंद करने के रिमाइंडर दिए जा रहे हैं। 3. उम्र का सत्यापन (Age Verification): कम उम्र के बच्चों को एडल्ट या खतरनाक कंटेंट से दूर रखने के लिए सख्त वेरिफिकेशन सिस्टम बनाया जा रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation New Year party में ‘हर्ष फायरिंग’ पड़ी भारी: बिहार के BJP विधायक को 4 साल की जेल, ₹25 लाख का जुर्माना; पढ़ें 2018 से अब तक की पूरी कहानी भोपाल: खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरियों से 275 किलो संदिग्ध पनीर जब्त