भोपाल | मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। आइए जानते हैं कि यह बढ़ोतरी कितनी हुई है, क्या इससे सरकार को कोई मुनाफा होगा और आपके घर के बिल पर इसका कितना असर पड़ेगा। कितना महंगा होगा बिजली का बिल? बिजली कंपनियों ने आयोग को बताया था कि उन्हें बिजली सप्लाई करने में करीब 6044 करोड़ रुपये का भारी घाटा हो रहा है। इस भारी घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों ने दरों में 10.19% बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, आयोग ने आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए पूरी मांग नहीं मानी और सिर्फ 4.80% की बढ़ोतरी को ही हरी झंडी दी है। क्या इस बढ़ोतरी से सरकार को कोई फायदा या मुनाफा होगा? बहुत से लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या बिजली महंगी होने से सरकार की कमाई बढ़ेगी? तो इसका सीधा जवाब है- नहीं। इस 4.80% की बढ़ोतरी से सरकार या बिजली कंपनियों को कोई ‘मुनाफा’ (Profit) नहीं होने वाला है। असल में, कंपनियों पर जो 6044 करोड़ रुपये का घाटा और बैंकों का कर्ज है, यह बढ़ा हुआ पैसा सिर्फ उस घाटे की भरपाई में ही चला जाएगा। यानी सरकार की तिजोरी में कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं जाएगा, बल्कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि बिजली कंपनियों का सिस्टम चलता रहे और प्रदेश में बिजली की सप्लाई बिना रुके होती रहे। क्यों बढ़ रहे हैं बिजली के दाम? • कोयले की कीमत: बिजली बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोयले का महंगा होना और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ना। • कंपनियों का घाटा: सरकारी बिजली कंपनियों (DISCOMs) का पुराना घाटा और उस पर बैंकों के कर्ज का भारी ब्याज। • मेंटेनेंस खर्च: बिजली के तारों, ट्रांसफार्मर और नए स्मार्ट मीटर लगाने के खर्च में लगातार वृद्धि। आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर? 1 अप्रैल से लागू होने वाले इन नए रेट्स का सीधा असर आपके हर महीने के बजट पर पड़ेगा: • प्रति यूनिट खर्च: 4.80% की बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि प्रति यूनिट बिजली के दाम में करीब 15 से 30 पैसे तक का इजाफा हो सकता है। • फिक्स्ड चार्ज: हर महीने लगने वाले ‘फिक्स्ड चार्ज’ में भी मामूली बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे कम बिजली इस्तेमाल करने वालों का बिल भी थोड़ा बढ़ जाएगा। • महंगाई का अप्रत्यक्ष असर: कमर्शियल बिजली महंगी होने से दुकानों और कारखानों का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर बाजार में मिलने वाले रोजमर्रा के सामान पर भी पड़ सकता है। इस बढ़ोतरी के बीच एक राहत की खबर भी है। जो उपभोक्ता मध्य प्रदेश सरकार की ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ (100 रुपये में 100 यूनिट बिजली) का फायदा ले रहे हैं, उन पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा। उस तय लिमिट तक का बढ़ा हुआ पैसा सरकार खुद कंपनियों को सब्सिडी के रूप में चुकाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation सोम डिस्टिलरी को लगा तगड़ा झटका, मध्य प्रदेश सरकार ने शराब के नए टेंडर से किया बाहर MP Uparjan 2026-27: 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं-चने की सरकारी खरीदी, लेकिन बेमौसम बारिश की संभावना ने बढ़ाई किसानों की टेंशन!