नई दिल्ली | 16 मार्च 2026

संसद के मौजूदा सत्र में पिछले कुछ दिनों से चल रहा भारी तनाव और गतिरोध आज आखिरकार खत्म हो गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर बुलाई गई एक अहम सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। इस बड़े समझौते के बाद, निलंबित किए गए 8 विपक्षी सांसदों की संसद में वापसी का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।

कैसे सुलझा पूरा विवाद?

सदन में लगातार हो रहे हंगामे और काम में आ रही रुकावट को देखते हुए आज स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं की एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में सरकार और विपक्ष के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। काफी लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष सदन को शांति से चलाने के लिए राजी हो गए। सरकार ने बड़ा दिल दिखाते हुए 8 सांसदों का निलंबन वापस लेने की बात मान ली है।

विपक्ष ने दिया यह अहम भरोसा

निलंबन वापस लेने के फैसले के पीछे विपक्ष का एक बड़ा वादा है। विपक्षी दलों ने स्पीकर और सरकार को यह पक्का भरोसा दिया है कि:

• सदन के अंदर अब कोई भी सदस्य तख्तियां (placards) लेकर नहीं आएगा।

• विरोध जताने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनी तस्वीरों या पोस्टरों का इस्तेमाल सदन में बिल्कुल नहीं किया जाएगा।

• सभी सदस्य अपनी सीट से ही बात रखेंगे और वेल (सदन के बीच का हिस्सा) में आकर हंगामा नहीं करेंगे।

• संसद की गरिमा और नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

कल (17 मार्च) क्या होगा?

इस समझौते को कल संसद की कार्यवाही में आधिकारिक रूप दिया जाएगा:

• दोपहर 12 बजे: सरकार की तरफ से सदन में एक नया प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

• प्रस्ताव का मकसद: इस प्रस्ताव के जरिए पुराने निलंबन वाले आदेश को रद्द किया जाएगा।

• सांसदों की वापसी: प्रस्ताव पास होते ही ये 8 सांसद तुरंत प्रभाव से सदन की कार्यवाही में फिर से हिस्सा लेने लगेंगे।

क्या था पूरा मामला?

आपको बता दें कि पिछले दिनों कुछ मुद्दों पर विरोध जताते हुए विपक्ष के इन 8 सांसदों ने सदन में भारी हंगामा किया था। आरोप था कि ये सांसद तख्तियां लेकर स्पीकर के आसन के करीब आ गए थे और नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसी अनुशासनहीनता के कारण उन्हें मौजूदा सत्र के बचे हुए समय के लिए निलंबित कर दिया गया था। लेकिन अब इस नई सहमति के बाद यह विवाद खत्म हो गया है और कल से संसद का काम बिना किसी रुकावट के चलने की उम्मीद है।

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