स्थान: रायसेन/भोपाल

दिनांक: 8 मार्च 2026

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक रायसेन किले में ‘रमजान तोप’ का भड़काऊ वीडियो बनाकर उसे ईरान युद्ध से जोड़ने के मामले में आज पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कल (7 मार्च) सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ने के बाद, आज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, इस मामले में प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर होने पर कड़ा संज्ञान भी लिया गया है।

पुलिस प्रशासन की सख्त कार्रवाई

वीडियो का संज्ञान लेते हुए रायसेन पुलिस ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया है:

• प्राथमिकी (FIR) दर्ज: कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(A) के अंतर्गत धार्मिक भावनाएं आहत करने और समाज में वैमनस्य फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।

• 4 आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने त्वरित दबिश देकर इस कृत्य में शामिल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में रायसेन निवासी शादाब कुरैशी और भोपाल निवासी यूसुफ शेख, वसीम मोहम्मद तथा सलमान (उर्फ पप्पू) कुरैशी शामिल हैं।

• आगे की जांच: पुलिस फिलहाल आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भड़काऊ वीडियो को बनाने और प्रसारित करने के पीछे उनकी मुख्य मंशा क्या थी और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हैं।

प्रियंक कानूनगो का कड़ा रुख और प्रशासन को नोटिस

इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय स्तर पर तब और खलबली मच गई जब प्रियंक कानूनगो ने स्थानीय प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की गंभीर लापरवाही को उजागर किया। उन्होंने इस तोप के संचालन को आम जनमानस के लिए भारी खतरा बताते हुए सख्त कदम उठाए हैं:

अधिकारियों को नोटिस: कानूनगो ने जिला प्रशासन और ASI के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है कि एक ऐतिहासिक और संरक्षित धरोहर पर इस प्रकार की खतरनाक गतिविधि और बारूद के उपयोग की अनुमति कैसे दी गई।

लोगों को खतरा और तोप पर प्रतिबंध की मांग: उन्होंने स्पष्ट किया है कि किले की ऊंचाई से रिहायशी इलाकों की ओर इस ‘देसी तोप’ को दागना नागरिकों के जीवन और संपत्ति के लिए सीधा खतरा है। इसे केवल एक परंपरा नहीं माना जा सकता, बल्कि यह अवैध हथियार और विस्फोटक के इस्तेमाल का मामला है।

दहशत फैलाने का आरोप: नोटिस में इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है कि धार्मिक अनुमति की आड़ में ईरान के नाम पर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय शांति के लिए हानिकारक है। उन्होंने इस तोप के उपयोग पर पूर्णतः रोक (प्रतिबंध) लगाने की पुरजोर मांग की है।

इस कार्रवाई के बाद रायसेन में स्थिति शांतिपूर्ण लेकिन सतर्कता पूर्ण है। प्रशासन अब किले में होने वाली इस प्रकार की सभी गतिविधियों की सघन समीक्षा कर रहा है, और संभावना है कि प्रियंक कानूनगो की आपत्ति के बाद इस तोप के संचालन पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

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