मध्य प्रदेश की राजनीति में कल (9 मार्च 2026) एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया। ग्वालियर हाई कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से जीते कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया है। आइए इस पूरे मामले को एकदम शुरू से अंत तक आसान भाषा में समझते हैं।

1. कहानी की शुरुआत: विजयपुर में उपचुनाव क्यों हुए?

यह बात साल 2024 की है। विजयपुर सीट से रामनिवास रावत कांग्रेस के पुराने और दिग्गज नेता हुआ करते थे। लेकिन लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए। बीजेपी सरकार ने उन्हें वन मंत्री भी बना दिया। उनके कांग्रेस छोड़कर विधायक पद से इस्तीफा देने की वजह से विजयपुर सीट खाली हो गई, जिसके कारण नवंबर 2024 में वहां उपचुनाव (Bypoll) कराए गए।

2. चुनाव का नतीजा: कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार

इस उपचुनाव में बीजेपी ने रामनिवास रावत को अपना उम्मीदवार बनाया। वहीं, कांग्रेस ने आदिवासी समाज के बड़े नेता मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया। जब चुनाव के नतीजे आए, तो एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मुकेश मल्होत्रा ने तत्कालीन मंत्री रामनिवास रावत को 7364 वोटों से हरा दिया। इस तरह कांग्रेस ने यह सीट जीत ली और रामनिवास रावत को मंत्री पद छोड़ना पड़ा।

3. मामला कोर्ट में कैसे पहुंचा? (याचिका)

चुनाव हारने के बाद रामनिवास रावत शांत नहीं बैठे। उन्होंने लगभग 11 महीने पहले (साल 2025 की शुरुआत में) हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक चुनाव याचिका दायर कर दी।

• रावत का आरोप: उन्होंने कोर्ट को बताया कि मुकेश मल्होत्रा ने चुनाव आयोग को जो हलफनामा (Affidavit) दिया था, उसमें अपने बारे में झूठ बोला था। मल्होत्रा पर कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उन्होंने फॉर्म में सिर्फ 2 की ही जानकारी दी और बाकी मामलों (खासकर गंभीर मारपीट वाले केस) की जानकारी जानबूझकर छिपा ली।

4. हाई कोर्ट की जांच और फैसला (9 मार्च 2026)

जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बेंच ने इस मामले की लंबी सुनवाई की। कोर्ट ने सारे सबूतों, दस्तावेजों और पूर्व कलेक्टर के बयानों की जांच की। कोर्ट ने पाया कि:

• मुकेश मल्होत्रा ने सच में जनता और चुनाव आयोग से अपने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।

• चुनाव नियमों के अनुसार यह एक ‘भ्रष्ट आचरण’ (Corrupt Practice) है, क्योंकि ऐसा करके उन्होंने मतदाताओं (Voters) को गुमराह किया।

कोर्ट के फैसले के दो सबसे बड़े बिंदु:

1. मुकेश मल्होत्रा का चुनाव पूरी तरह से शून्य (रद्द) कर दिया गया।

2. नियमों के तहत, चूंकि चुनाव में रामनिवास रावत दूसरे नंबर पर रहे थे (यानी उन्हें मल्होत्रा के बाद सबसे ज्यादा वोट मिले थे), इसलिए कोर्ट ने रामनिवास रावत को ही विजयपुर का नया विधायक घोषित कर दिया।

5. अब आगे क्या होगा? (सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी)

हालांकि हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है, लेकिन कोर्ट ने इस आदेश को 15 दिनों तक लागू करने पर रोक (Stay) लगा दी है।

• कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा को यह 15 दिन का समय इसलिए दिया है ताकि वे इस फैसले के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में अपील कर सकें।

• कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने साफ कर दिया है कि वे हार नहीं मानेंगे और मुकेश मल्होत्रा को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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