नूंह में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती मिली है! एटीएम (ATM) चोरी के एक बड़े आरोपी को ले जा रही मेघालय पुलिस की टीम पर स्थानीय लोगों ने खौफनाक हमला कर दिया। आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए भीड़ इस कदर बेकाबू हो गई कि पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी!

घटना की सबसे चौंकाने वाली बातें:

फिल्मी स्टाइल में भागने की साजिश: 10 मार्च 2026 की शाम को मेघालय पुलिस आरोपी राहुल खान को गाड़ी से लेकर जा रही थी। अचानक सिकरावा गांव के पास राहुल ने पुलिस गाड़ी का स्टीयरिंग पकड़ लिया और गाड़ी पलट कर भागने की कोशिश की।

भीड़ का खतरनाक रूप: देखते ही देखते 20 से 30 लोगों की बेकाबू भीड़ (जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं) वहां पहुंच गई और पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया।

हथियार छीनने की कोशिश: भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। बात यहीं नहीं रुकी, उन्होंने पुलिस के हथियार और गाड़ी की चाबी तक छीनने की कोशिश की ताकि आरोपी को भगाया जा सके।

मजबूरी में चली गोलियां: अपनी जान पर मंडराते खतरे और आरोपी को भागने से रोकने के लिए मेघालय पुलिस को मजबूरन आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ीं। इस गोलीबारी में एक स्थानीय युवक के पैर में गोली लगी है, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अब पुलिस का अगला कदम:

इस बड़े बवाल के बाद नूंह पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई है। मेघालय पुलिस की शिकायत पर 12 नामजद और कई अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी काम में रुकावट और पुलिस पर हमले की गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की कई टीमें अब इन फरार हमलावरों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

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