नई दिल्ली:

फरवरी 2026 में हुई भारत और अमेरिका की ट्रेड डील ने ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मचा दी है। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया है, लेकिन इसके बदले भारत ने एक बड़ा वादा किया है—रूस से तेल खरीदना कम करना और अमेरिका व वेनेजुएला जैसे विकल्पों की ओर देखना तो इस डील से किसका फ़ायदा और किसका नुक़सान आइए समझते हैं

रूस vs वेनेजुएला: क्या है तेल का गणित?

भारत अब तक रूस से ‘Urals’ क्रूड ऑयल खरीद रहा था। यह एक मीडियम क्वालिटी का तेल है जिसे प्रोसेस करना आसान और सस्ता है। भारत की सरकारी रिफाइनरीज (जैसे IOCL, BPCL) इसे आसानी से पेट्रोल-डीजल में बदल लेती थीं।

वहीं दूसरी तरफ, वेनेजुएला का तेल (Merey grade) दुनिया के सबसे भारी और गाढ़े तेलों में से एक है। यह इतना गाढ़ा होता है कि इसे ‘पाइपलाइन’ में बहाने के लिए भी इसमें मिलावट करनी पड़ती है। इसमें सल्फर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिसे रिफाइन करना हर किसी के बस की बात नहीं है।

तो फिर भारत वेनेजुएला की तरफ क्यों देख रहा है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे दो बड़े कारण हैं:

1. कीमत (Price): वेनेजुएला का तेल अपनी खराब क्वालिटी की वजह से बहुत सस्ते दाम पर मिलता है। SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट का दावा है कि अगर भारत रूस की जगह वेनेजुएला से तेल लेता है, तो सालाना करीब 3 बिलियन डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) की बचत हो सकती है।

2. रिफाइनिंग क्षमता: भले ही वेनेजुएला का तेल गाढ़ा हो, लेकिन भारत के पास रिलायंस (जामनगर) और नायरा एनर्जी जैसी दुनिया की सबसे आधुनिक रिफाइनरीज हैं। ये कॉम्प्लेक्स रिफाइनरीज इस सस्ते और ‘गंदे’ तेल को प्रोसेस करके हाई-क्वालिटी डीजल बनाने में सक्षम हैं।

डील में कितनी मात्रा तय हुई?

फिलहाल, इस डील में तेल की कोई फिक्स मात्रा (Quantity) तय नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत वेनेजुएला से तेल तभी खरीदेगा जब वह ‘कॉमर्शिअली वायबल’ (सस्ता और मुनाफे वाला) होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे भारत का रूस से दूरी बनाने का कदम बताया है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, यह डील भारत के लिए एक कूटनीतिक जीत तो है ही, साथ ही रिलायंस और नायरा जैसी प्राइवेट कंपनियों के लिए बड़ा मौका भी है। अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में अमेरिका वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों (Sanctions) में कितनी ढील देता है, ताकि भारत अपनी ‘एनर्जी बास्केट’ को बदल सके।

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