वाशिंगटन/नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने भारतीय राजनीति और कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने व्यापार और टैरिफ के मुद्दे पर बात करते हुए टिप्पणी की, “मैं भारत के साथ सख्त हो सकता हूँ, लेकिन मैं प्रधानमंत्री मोदी का पॉलिटिकल करियर बर्बाद नहीं करना चाहता क्योंकि वे मेरे अच्छे दोस्त हैं।”

विपक्ष हमलावर

इस बयान को लेकर भारतीय विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है। विपक्षी दलों का कहना है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के पास भारत की आंतरिक राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता है? यह भारत की संप्रभुता का अपमान है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने स्पष्ट किया है कि भारत और अमेरिका के संबंध रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं और भारत की चुनावी राजनीति पूरी तरह से देश की जनता पर निर्भर है, न कि किसी विदेशी नेता के बयान पर।

बयान के मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उनके खास “मोलभाव करने वाले अंदाज” (Transactional Style) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ट्रेड डील पर भारत पर दबाव बनाना हो सकता है।

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