इंफाल/उखरूल: मणिपुर में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। राज्य के उखरूल (Ukhrul) जिले में दो समुदायों के बीच ताजा झड़पों के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। लिटान (Litan) इलाके में भड़की इस हिंसा में आगजनी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया है। इस विवाद से भड़की थी हिंसा प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद शनिवार देर रात शुरू हुआ जब एक स्थानीय व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। यह घटना उखरूल जिले के लिटान पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई। पीड़ित पक्ष के लोगों द्वारा इसका विरोध करने पर मामला बढ़ गया और देखते ही देखते इसने दो समुदायों (तांगखुल नागा और कुकी) के बीच संघर्ष का रूप ले लिया। आगजनी में लाखों का सामान जलकर ख़ाक गुस्साई भीड़ ने कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिटान और आसपास के क्षेत्रों में करीब 21 से 25 घरों और कुछ सरकारी क्वार्टरों को आग के हवाले कर दिया गया। आगजनी की इन घटनाओं में लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है, हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन सख्त :इंटरनेट बैन हिंसा और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं: • इंटरनेट पर पाबंदी: उखरूल जिले में अगले 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। • धारा 144 और कर्फ्यू: प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। • पुलिस बल तैनात: असम राइफल्स और राज्य पुलिस की टुकड़ियां मौके पर फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने दोनों समुदायों के नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है। सरकार व्यवस्था बनाने में फेल हुई तो फिर से लग सकता है राष्ट्रपति शासन Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation डीपफेक पर सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: सोशल मीडिया कंपनियों को अब 3 घंटे में हटाना होगा फेक कंटेंट, नए नियम जारी MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षकों के वेतन में ’70-80-90% फार्मूले’ को माना गलत, नियुक्ति दिनांक से 100% वेतन का रास्ता साफ़