मुंबई | 13 फरवरी, 2026

हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार, भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ। दलाल स्ट्रीट पर आज जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों में हाहाकार मच गया। वैश्विक संकेतों और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रमुख सूचकांक औंधे मुंह गिर पड़े, जिससे निवेशकों की लाखों करोड़ रुपये की संपत्ति कुछ ही घंटों में डूब गई।

बाजार का हाल: लाल निशान में डूबे सूचकांक

आज सुबह बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन दिन ढलते-ढलते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि बाजार संभल नहीं पाया। कारोबार के अंत में:

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) लगभग 1,048 अंक टूटकर बंद हुआ।

• एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) में भी 336 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।

यह हाल के महीनों में बाजार की सबसे बड़ी एक दिनी गिरावटों में से एक है। छोटे और मझोले शेयरों (Midcap and Smallcap) में भी भारी तबाही देखने को मिली।

गिरावट की मुख्य वजहें: अमेरिका और AI का डर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ‘रक्तपात’ के पीछे दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कारण रहे:

1. अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर संकेत: अमेरिका से आए ताजा आर्थिक आंकड़े उम्मीद से काफी कमजोर रहे हैं, जिससे वैश्विक मंदी की आशंका फिर से गहरा गई है। इसका सीधा असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा।

2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का डर: दुनिया भर में यह बहस तेज हो गई है कि AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक IT नौकरियों और कंपनियों के राजस्व पर बुरा असर पड़ सकता है। इस डर के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में जमकर बिकवाली की।

IT सेक्टर पर सबसे बड़ी मार

आज की गिरावट का केंद्र बिंदु IT सेक्टर रहा। निफ्टी IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। दिग्गज टेक कंपनियों के शेयर 4% से 7% तक टूट गए। निवेशकों को डर है कि AI के कारण इन कंपनियों के भविष्य के मुनाफे पर असर पड़ सकता है, जिसके चलते वे अपना पैसा निकाल रहे हैं।

आगे क्या?

बाजार बंद होने के बाद भी निवेशकों के चेहरों पर निराशा साफ झलक रही थी। अब सभी की निगाहें सप्ताहांत पर आने वाली वैश्विक खबरों और सोमवार को बाजार खुलने पर होंगी। विशेषज्ञों ने फिलहाल खुदरा निवेशकों को बाजार में भारी उठापटक के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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