नई दिल्ली/मुंबई: भारत और फ्रांस की दोस्ती अब सिर्फ राफेल विमानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के नए आसमान को छूने जा रही है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने भारत दौरे पर हैं और इस बार उनका फोकस रक्षा सौदों के साथ-साथ डिजिटल क्रांति पर भी है। 2026: भारत-फ्रांस इनोवेशन का वर्ष इस दौरे की सबसे बड़ी खबर यह है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों मिलकर साल 2026 को ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ के रूप में लॉन्च करेंगे। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय स्टार्टअप्स और फ्रेंच टेक्नोलॉजी कंपनियां अब मिलकर काम करेंगी। फ्रांस ने दिल्ली में चल रहे AI समिट में सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पैवेलियन भी लगाया है, जो दोनों देशों के गहरे रिश्तों की गवाही देता है। क्यों अहम है यह साझेदारी? यूरोप में फ्रांस ही वह देश है जो अमेरिकी टेक कंपनियों (जैसे Google, Microsoft) की निर्भरता कम करके अपना खुद का ‘सॉवरेन AI’ (Sovereign AI) बनाना चाहता है। भारत की सोच भी बिल्कुल ऐसी ही है। दोनों देश चाहते हैं कि हमारा डेटा हमारे ही देश में सुरक्षित रहे और हम अपनी शर्तों पर तकनीक विकसित करें। अगले दो दिनों में मुंबई और दिल्ली में होने वाली मुलाकातों में साइबर सुरक्षा, सुपरकंप्यूटिंग और डिजिटल पेमेंट को लेकर कई बड़े समझौते होने की उम्मीद है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation भारत मंडपम में दुनिया का जमावड़ा, PM मोदी ने किया पहले ‘AI इम्पैक्ट समिट’ का आगाज बांग्लादेश में लोकतंत्र की नई सुबह: 18 महीने बाद चुनी गई सरकार, तारिक रहमान ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ