मुंबई:

भारतीय अर्थव्यवस्था से आज की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। डॉलर के सामने हमारा रुपया बुरी तरह टूट गया है और अब तक के सबसे निचले स्तर पर जा गिरा है। आज 1 डॉलर की कीमत 93 रुपये के पार पहुंच गई है। रुपये की इस भारी गिरावट ने न सिर्फ शेयर बाजार को डरा दिया है, बल्कि देश की राजनीति में भी बड़ा भूचाल ला दिया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है और अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निशाने पर हैं।

विपक्ष का सीधा हमला- “मोदी जी, अब रुपया ICU में क्यों नहीं है?”

रुपये के 93 का आंकड़ा पार करते ही पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक, विपक्षी नेता पीएम मोदी के उन पुराने वीडियो और बयानों को शेयर कर रहे हैं, जो उन्होंने 2014 से पहले दिए थे।

विपक्ष ने तंज कसते हुए पूछा है, “मोदी जी, जब 2014 से पहले रुपया गिरता था, तो आप कहते थे कि रुपया अपनी साख खो रहा है, रुपया ICU में चला गया है। अब जब डॉलर 93 के पार हो गया है, तो सरकार चुप क्यों है? अब रुपया इतना पतला क्यों हो रहा है?” आम जनता पर इस ‘पतले रुपये’ का क्या होगा असर?

डॉलर के मजबूत होने का सीधा मतलब है कि अब हमारे देश में महंगाई का एक और बड़ा बम फूटने वाला है। इसका सीधा असर आपकी और हमारी जेब पर पड़ेगा:

1. पेट्रोल-डीजल में आग: हम अपना 80% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदते हैं और उसका पेमेंट डॉलर में होता है। डॉलर 93 का होने का मतलब है कि तेल महंगा मिलेगा, जिसका असर पेट्रोल पंप पर दिखेगा।

2. स्मार्टफोन और लैपटॉप महंगे: जो भी इलेक्ट्रॉनिक सामान या उनके पार्ट्स बाहर से आते हैं, उनकी कीमतें तुरंत बढ़ जाएंगी।

3. खाने-पीने का सामान: खाने का तेल (Edible Oil) जैसी चीजें जो विदेश से आती हैं, उनके दाम भी आसमान छू सकते हैं।

अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि सरकार और रिजर्व बैंक (RBI) इस गिरते रुपये को संभालने के लिए क्या बड़ा कदम उठाते हैं। क्या सरकार अपने खजाने से डॉलर निकालकर बाजार में डालेगी, या फिर आम आदमी को इस नई महंगाई का सामना करना पड़ेगा?

error: Content is protected !!