गोवा से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक सत्ताधारी पार्टी (BJP) के स्थानीय नेता के बेटे पर करीब 25 से 30 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उनके MMS बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। आइए जानते हैं कि इस रसूखदार नेता के बेटे की काली करतूतें क्या हैं और क्यों जनता को सबूत मिटाए जाने का डर सता रहा है।

क्या है नेता के बेटे की ‘हरकत’?

इस मुख्य आरोपी का नाम सोहम नाईक है, जिसकी उम्र सिर्फ 20 साल है। इसके पिता, सुशांत नाईक, गोवा की कुडचडे (Curchorem) नगर पालिका में BJP के पार्षद हैं। जांच के मुताबिक, सोहम ने पिछले 3 सालों में कई नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। उसने धोखे से उनके आपत्तिजनक वीडियो (MMS) बनाए और फिर उन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर लड़कियों का लगातार शोषण करता रहा।

यह पूरा मामला तब खुला जब मार्च 2026 में सोहम ने शराब के नशे में एक पार्टी के दौरान अपने दोस्तों के सामने अपनी इन हरकतों की शेखी बघारी और उन्हें लड़कियों के वीडियो दिखा दिए।

जनता में गुस्सा और सबूत नष्ट होने का डर:

जैसे ही यह बात इलाके में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लेकिन इस गुस्से के साथ-साथ एक बहुत बड़ा डर भी है—सबूतों से छेड़छाड़ का डर।

आरोपी के पिता का संबंध सीधे सत्ताधारी पार्टी से है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सिस्टम बिना किसी दबाव के काम कर पाएगा?

जनता को डर है कि कहीं राजनीतिक पावर और रसूख का इस्तेमाल करके आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप या क्लाउड स्टोरेज से उन वीडियो और अहम डिजिटल सबूतों को हमेशा के लिए डिलीट (नष्ट) न करवा दिया जाए। अगर डिजिटल सबूत मिट गए, तो इस जघन्य अपराध का आरोपी आसानी से कानून के फंदे से बच सकता है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

हालाँकि, जनता के भारी विरोध और पुलिस स्टेशन के घेराव के बाद पुलिस हरकत में आई। अब तक इस मामले में 3 अलग-अलग FIR दर्ज हो चुकी हैं और आरोपी सोहम नाईक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राजनीतिक दबाव की आशंकाओं को देखते हुए अब इस केस की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर सीधे गोवा क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी के सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए हैं और फोरेंसिक (Forensic) जांच कर रही है ताकि कोई भी डाटा डिलीट न हो सके।

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