रायसेन/भोपाल:

मौसम के अचानक बदलते मिजाज और पुणे में हुई भारी ओलावृष्टि के बाद, अब मध्य प्रदेश के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आज 31 मार्च को भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा सहित कई आसपास के जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।

इस समय खेतों में रबी की फसल (जैसे गेहूं, चना और सरसों) या तो पककर तैयार है या कटाई के बाद खलिहानों में रखी है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह और बचाव के तरीके:

1. कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित करें: अगर आपकी फसल कट चुकी है और खुले में रखी है, तो उसे तुरंत किसी सुरक्षित जगह (गोदाम या पक्के शेड) में शिफ्ट करें। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो उसे अच्छी क्वालिटी के मोटे तिरपाल (Waterproof cover) से पूरी तरह ढक दें।

2. तेज हवाओं से तिरपाल को उड़ने से बचाएं: मौसम विभाग ने 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने का अलर्ट दिया है। इसलिए तिरपाल से फसल को ढकने के बाद, उसके किनारों पर भारी पत्थर या मिट्टी की बोरियां रख दें ताकि वह तेज हवा में उड़े नहीं।

3. खेतों में जलभराव रोकें: जिन खेतों में अभी भी फसल खड़ी है, वहां से अतिरिक्त पानी निकलने की सही व्यवस्था (Drainage) करें, ताकि अचानक तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा न हो और फसल सड़े नहीं।

4. पशुओं का भी रखें खास ख्याल: ओलावृष्टि और बिजली कड़कने के समय अपने जानवरों (गाय, भैंस, बकरी) को पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में बिल्कुल न बांधें। उन्हें सुरक्षित और पक्की छत वाले शेड के अंदर ही रखें।

5. खुद की सुरक्षा भी है जरूरी: खेतों में काम करते समय अगर अचानक मौसम खराब हो जाए, बिजली कड़कने लगे या ओले गिरने लगें, तो तुरंत किसी पक्के मकान के अंदर चले जाएं। बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों से दूर रहें।

प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस मौसम चेतावनी को गंभीरता से लें और नुकसान से बचने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर लें।

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