Earthquake in Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में हिली धरती

नई दिल्ली ।

बीती रात (3 अप्रैल) उत्तर भारत के कई राज्यों में अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। रात करीब 9:45 बजे आए इस भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुली सड़कों पर आ गए।

भूकंप से जुड़ी 4 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए:

• तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई।

• केंद्र: अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र।

• गहराई: जमीन के 150 किलोमीटर नीचे।

• राहत की खबर: भारत में अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

अफगानिस्तान में था केंद्र, फिर भारत में क्यों लगे झटके?

भूकंप का केंद्र भले ही अफगानिस्तान में था, लेकिन इसकी गहराई (150 किलोमीटर) और तीव्रता (5.9) अधिक होने के कारण इसकी लहरें भारत तक तेजी से पहुंच गईं। हिंदू कुश का इलाका भूकंप के लिहाज से बहुत संवेदनशील (Seismic Zone) माना जाता है, इसलिए वहां होने वाली हलचल का सीधा असर पूरे उत्तर भारत पर पड़ता है।

आखिर क्यों हिलती है धरती?

भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारी धरती के नीचे कई बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं जिन्हें ‘टेक्टोनिक प्लेट्स’ कहा जाता है। ये प्लेट्स लगातार बहुत धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। भारत जिस ‘इंडियन प्लेट’ पर मौजूद है, वह लगातार आगे खिसक कर ऊपर मौजूद ‘यूरेशियन प्लेट’ से टकरा रही है। इस आपसी टकराव से जमीन के नीचे बहुत ज्यादा दबाव और ऊर्जा जमा हो जाती है। जब यह रुकी हुई ऊर्जा अचानक बाहर निकलने का रास्ता खोजती है, तो धरती कांप उठती है जिसे हम भूकंप कहते हैं।

क्या आज भी है भूकंप का खतरा? (आफ्टरशॉक की संभावना)

विज्ञान में अभी तक ऐसी कोई तकनीक नहीं बनी है जो भूकंप की पहले से सटीक भविष्यवाणी कर सके। इसलिए आज भूकंप आएगा या नहीं, यह पक्के तौर पर कोई नहीं कह सकता।

हालांकि, जब भी 5.9 जैसी मध्यम से तेज तीव्रता का भूकंप आता है, तो धरती के नीचे खिसकी हुई प्लेट्स के वापस सेट होने की वजह से कुछ समय तक हल्के झटके (Aftershocks) आने की संभावना बनी रहती है। ये झटके अक्सर इतने हल्के होते हैं कि हमें पता भी नहीं चलता। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने के बजाय सतर्क रहे!

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