इंदौर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम से ठीक पहले शहर में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। शुक्रवार रात इंदौर के खजराना, पलासिया, एमआर-9 और वर्ल्ड कप चौराहा समेत कई प्रमुख रास्तों पर राहुल गांधी को घेरते हुए बड़े-बड़े होर्डिंग्स और पोस्टर लगा दिए गए। इन विज्ञापनों पर “झूठ की गूँज” लिखकर सीधे तौर पर उनके पुराने भाषणों पर सवाल खड़े किए गए हैं। 40 दावों की पड़ताल और QR कोड सड़क किनारे लगे इन होर्डिंग्स पर लिखा गया है कि “झूठ की गूँज ने राहुल गांधी की पिछली 4 रैलियों की पड़ताल की” और “इन रैलियों के 40 दावों का पर्दाफ़ाश किया”। इसके साथ ही पोस्टर पर “झूठ की गूँज पे होगी सत्य की विजय” का नारा और एक वेबसाइट लिंक व QR कोड दिया गया है। कांग्रेस का पलटवार: ‘विपक्ष के असर से घबराया सत्ता पक्ष’ पोस्टर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में कई जगह इन्हें हटाना शुरू कर दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने आरोप लगाया कि यह सत्तारूढ़ दल की घबराहट और निचले स्तर की राजनीति है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन के जरिए अड़चनें डालने के बाद अब राहुल गांधी के कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए रातों-रात ये पोस्टर लगवाए गए हैं, जो यह साबित करता है कि विपक्ष के मुद्दों और जनता के समर्थन से सत्ता पक्ष असहज है। भाजपा का रुख: छात्रों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया वहीं, भाजपा प्रवक्ताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों और युवाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है। भाजपा का तर्क है कि राहुल गांधी लगातार भ्रामक बयानबाजी करते हैं और युवा अब तथ्यों के आधार पर उनके दावों की सच्चाई सामने ला रहे हैं। सियासी रणनीति या घबराहट? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कार्यक्रम से ठीक पहले शहर भर में इस तरह की संगठित पोस्टरबाजी केवल सामान्य विरोध नहीं है। किसी भी बड़े नेता के मंच पर आने से पहले ही जनता के मन में संशय पैदा करने की यह कोशिश दिखाती है कि सत्ता पक्ष विपक्ष के भाषण और उसके असर को हलके में नहीं ले रहा है। इसे विपक्ष की ओर से “घबराहट” और सत्ता पक्ष की ओर से “आक्रामक काउंटर-स्ट्रैटेजी” के रूप में देखा जा रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation राजनीति का ‘डबल स्टैंडर्ड’ या संसद की जंग? रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज, दिल्ली तक गरमाई राजनीति!