इंदौर: आगामी धार्मिक त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन ने जनस्वास्थ्य और लोक शांति बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा ने जिले की राजस्व सीमा में आयोजनों और जुलूसों के दौरान ग्लिटर, कन्फेट्टी और माईलर के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 22 नवम्बर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। स्वास्थ्य और सुरक्षा के खतरे को देखते हुए लिया फैसला प्रशासन के अनुसार, त्योहारों और चल समारोहों में हवा में उड़ाए जाने वाले बारीक चमकीले पाउडर (ग्लिटर), रंग-बिरंगे प्लास्टिक व कागज के टुकड़ों (कन्फेट्टी) और पन्नी वाली कतरनों (माईलर) से आम जनता की सेहत को भारी नुकसान पहुंचता है। भीड़ के दौरान यह बारीक कण लोगों की आंखों में चले जाते हैं, जिससे आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ने का जोखिम रहता है। इसके साथ ही सांस के जरिए यह फेफड़ों में पहुंचकर सांस की बीमारियां पैदा कर सकते हैं। बिजली के तारों पर गिरने से शॉर्ट सर्किट और आगजनी की आशंका भी बनी रहती है। उल्लंघन करने पर BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई कलेक्टर द्वारा यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति, आयोजक या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का आगाज: सीएम डॉ. मोहन यादव और नितिन गडकरी 25 सितंबर को 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी कलेक्टर ने अमोदा में शासकीय राशन दुकान का किया औचक निरीक्षण, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का लिया जायजा