नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी में आज से ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य आगाज हुआ। इस ग्लोबल समिट ने भारत को वैश्विक तकनीकी मंच के केंद्र में ला खड़ा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए दुनिया भर के शीर्ष टेक CEOs को संबोधित किया। अपने मुख्य भाषण में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का लक्ष्य केवल AI का उपभोक्ता बनना नहीं है, बल्कि एक ऐसा निर्माता बनना है जो दुनिया को ‘जिम्मेदार और समावेशी AI’ (Responsible and Inclusive AI) का रास्ता दिखाए। इस समिट में मुख्य रूप से कृषि में फसल उत्पादन बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए AI के इस्तेमाल पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

सड़क पर विरोध की आग:

जहाँ एक ओर विज्ञान भवन में भविष्य की तकनीक पर चर्चा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की सड़कों पर भारी सियासी घमासान देखने को मिला। अमेरिका के साथ भारत की संभावित नई व्यापार संधि (ट्रेड डील) के विरोध में यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। विरोध का तरीका इतना उग्र था कि कई कार्यकर्ताओं ने कड़ाके की ठंड के बावजूद शर्टलेस होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

क्या है विपक्ष का आरोप?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह नई ट्रेड डील पूरी तरह से विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जिससे भारतीय किसानों, छोटे व्यापारियों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को भारी नुकसान होगा। स्थिति को बेकाबू होता देख दिल्ली पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में कई नेताओं के खिलाफ FIR भी दर्ज की है। इस घटना ने एक अहम इंटरनेशनल समिट के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच की दरार को और गहरा कर दिया है।

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