वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राजनीति और न्यायपालिका के बीच आज एक बड़ा टकराव खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा विदेशी आयातों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ (Import Tariffs) को असंवैधानिक और गैरकानूनी करार देते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। फैसले का आधार: सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच ने 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया। अदालत का मानना था कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया है और कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की मंजूरी के बिना मनमाने तरीके से टैक्स लगाए हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि इन टैरिफ्स के कारण अमेरिका के अंदर माल ढुलाई और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही थीं, जिससे आम अमेरिकी नागरिक पर महंगाई की मार पड़ रही थी। ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया: इस फैसले के आते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जजों को आड़े हाथों लेते हुए इस फैसले को ‘शर्मनाक’ और ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया। ट्रंप ने लिखा, “आज सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी कामगारों की पीठ में छुरा घोंपा है। यह फैसला हमारे बाजारों को चीन और अन्य देशों के लिए खोल देगा जो हमारा फायदा उठाते आए हैं।” इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में भारी उछाल आया है क्योंकि अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार युद्ध (Trade War) के शांत होने की उम्मीद बंध गई है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation मुफ्त की रेवड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: राज्य सरकारों को दी कड़ी चेतावनी आर्थिक मोर्चे पर भारत की ‘डबल सेंचुरी’: विदेशी मुद्रा भंडार ने छुआ आसमान, माइक्रोसॉफ्ट करेगा महा-निवेश