वाशिंगटन:

अमेरिका में इस समय भारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल मची हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई नीतियों, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और देश के अंदर तेजी से बढ़ती महंगाई के खिलाफ लाखों अमेरिकी नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका के सभी 50 राज्यों में ‘नो किंग्स’ (No Kings – कोई राजा नहीं) नाम से एक बहुत बड़ा राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

आखिर क्यों सुलग रहा है अमेरिका?

ईरान से युद्ध का कड़ा विरोध: अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ जो टकराव चल रहा है, उससे अमेरिका की आम जनता डरी हुई है। ट्रम्प सरकार के कड़े मिलिट्री एक्शन का भारी विरोध हो रहा है। लोग नहीं चाहते कि अमेरिका के पैसे और सैनिकों की जान एक नए युद्ध में बर्बाद हो। उनका साफ कहना है कि सरकार को युद्ध की बजाय देश की अंदरूनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

• ‘नो किंग्स’ (No Kings) आंदोलन: प्रदर्शन कर रही जनता का आरोप है कि सरकार मनमानी कर रही है। हाल ही में अमेरिकी डॉलर पर पहली बार मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर छापने का फैसला लिया गया है, जिसे लोग सत्ता के गलत इस्तेमाल के रूप में देख रहे हैं। इसके विरोध में लोग सड़कों पर बैनर लेकर उतरे हैं जिन पर लिखा है कि ‘अमेरिका में लोकतंत्र है, यहाँ कोई राजा नहीं’।

महंगाई की मार से बेहाल जनता: आम जनता बढ़ती महंगाई और जीवन जीने के खर्च से बुरी तरह परेशान है। लोगों का कहना है कि सरकार की नीतियां केवल अमीर लोगों को फायदा पहुंचा रही हैं, जबकि मिडिल क्लास का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

सख्त इमिग्रेशन नीतियां: इमिग्रेशन और कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) की सख्त चेकिंग और हाल की कार्रवाइयों से भी देशभर में भारी गुस्सा है। लोग इन सख्त नियमों को मानवाधिकारों के खिलाफ बता रहे हैं।

एयरपोर्ट्स पर भारी अव्यवस्था: होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की फंडिंग को लेकर विवाद चल रहा है। इसके कारण एयरपोर्ट्स पर काम करने वाले सिक्योरिटी एजेंट्स को सैलरी नहीं मिल रही है। इस वजह से अमेरिका के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ और अव्यवस्था फैल गई है, जिसे संभालने के लिए सरकार को वहां इमिग्रेशन एजेंट्स तैनात करने पड़े हैं।

क्या देश अंदर से हो रहा है कमजोर?

जानकारों का मानना है कि अमेरिका इस समय दोहरे दबाव में है। एक तरफ वह देश के अंदर आम जनता के गुस्से का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के साथ उलझा हुआ है। ट्रम्प सरकार का तर्क है कि उनके कड़े फैसले भविष्य में अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे, लेकिन सड़कों पर उतरी जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है।

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