नई दिल्ली:सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta (Facebook और Instagram) द्वारा सरकार के नए नियमों के तहत पोस्ट ब्लॉक करने को लेकर चल रहे दावों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति साफ की है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने उस मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह भ्रामक बताया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 3 घंटे के भीतर कंटेंट हटाने के नियम के कारण Meta ने कंटेंट को अपने-आप ब्लॉक करना शुरू कर दिया था और दिल्ली प्रदर्शनों के दौरान यह ब्लॉकिंग तेजी से बढ़ी। 3 घंटे में एक्शन का क्या है नियम? PIB के अनुसार, इंटरनेट पर साइबर अपराध और गैरकानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाने के लिए February 2026 में IT Rules 2021 में संशोधन किया गया था। इस नए नियम के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस मिलने के 3 घंटे के भीतर गैरकानूनी पोस्ट हटानी होती है, जो पहले 36 घंटे थी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि Meta के साथ API का तालमेल 2025 में खुद कंपनी के अनुरोध पर किया गया था। हटाए गए 2.98 लाख URLs का पूरा गणित सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, March 2026 से July 2026 के बीच कुल 2.98 लाख गैरकानूनी वेब लिंक्स (URLs) को हटाने के निर्देश दिए गए: 82% अनुरोध राज्यों से: कुल 2.98 लाख में से 2.44 लाख निर्देश सीधे विभिन्न राज्य सरकारों और उनकी पुलिस द्वारा भेजे गए थे। 51 हजार लिंक्स साइबर फ्रॉड से जुड़े: इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने 51 हजार URLs को ऑनलाइन ठगी, फर्जी शेयर बाजार स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फ्रॉड के कारण हटवाया। गंभीर अपराधों पर रोक: पिछले 2 वर्षों में हटाए गए अधिकतर पोस्ट बच्चों के यौन शोषण (CSAM), महिलाओं से जुड़े अपराधों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ठगी से संबंधित थे। ‘सहयोग पोर्टल’ से होती है पूरी निगरानी सरकार ने साफ किया है कि कोई भी पोस्ट बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं हटाई जाती। इसके लिए बनाए गए ‘Sahyog Portal’ पर केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही नोटिस भेज सकते हैं। भारत में 600 मिलियन से अधिक इंटरनेट यूजर्स हर 68 सेकंड में करीब 78,703 पोस्ट करते हैं। सरकार के मुताबिक, इतने बड़े यूजर बेस में साइबर अपराध और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत तुरंत कार्रवाई जरूरी है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation सावधान! सोशल मीडिया पर अनजान टैग और APK फ़ाइल से खाली हो रहे बैंक खाते ! धार्मिक एकता और सदभाव बनाए रखने के लिए ‘वंदे मातरम्’ के 2 छंदों पर कांग्रेस का रुख: जानिए पूरा मामला