भोपाल: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) का एक कथित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तेजी से वायरल हो रहा है। इस सर्टिफिकेट में छात्र का नाम, फोटो और पिता का नाम देखकर लोग हैरान भी हैं और सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के मीम्स और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। क्या दिख रहा है वायरल सर्टिफिकेट में? वायरल हो रहे दस्तावेज़ में उम्मीदवार का नाम ‘DONKEY MPNRC’ और पिता का नाम ‘DONKEY FATHER’ दर्ज है। इतना ही नहीं, जहाँ छात्र की पासपोर्ट साइज फोटो होनी चाहिए, वहाँ डॉक्टर का कोट और स्टेथोस्कोप पहने एक गधे का कार्टून लगा हुआ है। सर्टिफिकेट में भोपाल के एक प्रतिष्ठित नर्सिंग कॉलेज से B.Sc. नर्सिंग की डिग्री पूरी करने और मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर से परीक्षा पास करने का दावा किया गया है। पड़ताल में सामने आया सच: पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड दस्तावेज़ की गहराई से जांच करने पर साफ़ हो गया है कि यह कोई असली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि इसे शरारत या व्यंग्य के मकसद से डिजिटल रूप से एडिट किया गया है: एडिटिंग और फॉन्ट मिसमैच: उम्मीदवार के नाम, पिता के नाम और तारीखों वाले हिस्से के फॉन्ट बाकी के सरकारी प्रारूप से बिल्कुल अलग हैं। टाइपिंग की गलतियाँ: दस्तावेज़ में कई जगह स्पेसिंग और ग्रामर की गंभीर गलतियाँ हैं (जैसे शब्दों और तारीखों का आपस में सटा होना), जो आधिकारिक सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में संभव नहीं हैं। सिस्टम में छेड़छाड़ या पैरोडी: सरकारी पोर्टल से सीधे जनरेट होने वाले असली प्रमाणपत्रों में इस तरह का डेटा दर्ज होना संभव नहीं है। इसे किसी असली फॉर्मेट के ऊपर फोटो-एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार किया गया है। इंटरनेट पर सनसनी फैलाने और व्यवस्था पर तंज कसने के लिए तैयार किया गया यह ‘गधे’ का सर्टिफिकेट पूरी तरह से फेक और मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किया गया) है। सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह दी जाती है कि ऐसे एडिटेड और भ्रामक दस्तावेज़ों को बिना पुष्टि के सच मानकर आगे शेयर न करें। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation दिल्ली के बेला एस्टेट में 728 में से 727 मतदाताओं के नाम कटे, राहुल गांधी ने पीड़ितों से मिलकर लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप इंटरनेट पर वायरल ‘अमेरिकी नागरिक’ की गिरफ्तारी और रिहाई की पूरी इनसाइड स्टोरी: क्या वाकई सरकार पर था कोई दबाव?