विशेष संपादकीय: 17 सितंबर 1950 को गुजरात के छोटे से कस्बे वडनगर में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी आज अपने जीवन के 76वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। एक साधारण परिवार में जन्म लेकर देश के सबसे शक्तिशाली पद तक पहुंचने की उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, अनुशासन और कड़े फैसलों की मिसाल मानी जाती है। देशभर में आज से 2 अक्टूबर तक 16 दिवसीय ‘सेवा पखवाड़ा’ शुरू हो चुका है, जिसके तहत रक्तदान, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। संघर्ष से सत्ता के शिखर तक का सफर शुरुआती जीवन और सादगी: वडनगर रेलवे स्टेशन पर पिता के साथ चाय बेचने में हाथ बंटाने से लेकर युवावस्था में संन्यास और साधना की खोज तक, उनका शुरुआती जीवन कड़े इम्तिहानों से भरा रहा। संगठन का मजबूत आधार: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में जमीन से जुड़कर काम किया और संगठन कौशल के दम पर भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार बने। गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री: 2001 से 2014 तक लगातार 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और ‘गुजरात मॉडल’ के जरिए देश-दुनिया में अपनी प्रशासनिक पहचान बनाई। 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता संभाली और लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐतिहासिक कार्य और प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक सुरक्षा: ‘जनधन योजना’ से करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा। ‘आयुष्मान भारत’ योजना के जरिए 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और ‘पीएम आवास योजना’ से करोड़ों परिवारों को पक्के मकान दिए। महिला सशक्तिकरण की दिशा: ‘उज्ज्वला योजना’ से करोड़ों गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मिले। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत हर घर में शौचालय बनवाकर महिलाओं के सम्मान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई। बड़े और साहसिक फैसले: दशकों पुराने विवादों को सुलझाते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना और देश की सुरक्षा के लिए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सख्त कदम उठाना उनकी मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। डिजिटल इंडिया और आर्थिक विस्तार: UPI के जरिए भारत को डिजिटल पेमेंट के मामले में विश्व में पहले स्थान पर पहुंचाया। आधुनिक रेलवे नेटवर्क (वंदे भारत), हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की कतार में मजबूती से खड़ा किया। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation विदिशा कलेक्टर का बड़ा फैसला: रास्ता विवाद और अतिक्रमण की शिकायतों पर अब दफ्तर में बैठकर नहीं कटेगी रसीद, अफसरों को जाना होगा ग्राउंड पर त्यौहार से पहले आम जनता पर महंगाई का दोहरा वार: शक्कर के झटके के बाद अब दालें भी हुईं बेकाबू, तुवर ₹130 के पार