NGT के आदेश के बाद प्रशासन सख्त, ‘लाल निशान’ मिटाने वालों के घर बिना नोटिस के तोड़े जाएंगे।

भोपाल । मध्य प्रदेश:

राजधानी भोपाल की शान ‘बड़े तालाब’ (Bada Talaab) को बचाने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। आज, 6 अप्रैल 2026 से तालाब के कैचमेंट एरिया (Catchment Area) में अवैध रूप से बने फार्महाउस, मैरिज गार्डन और पक्के मकानों पर एक बार फिर से प्रशासन का बुलडोजर गरजना शुरू हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के सख्त निर्देशों के तहत बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे को ‘नो-कंस्ट्रक्शन ज़ोन’ (No-Construction Zone) माना गया है। मार्च 2022 में लागू हुए वेटलैंड नियमों के अनुसार, इस 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह से अवैध है, चाहे उसके लिए कोई भी परमिशन क्यों न ली गई हो।

कार्रवाई से जुड़ी अहम बातें:

• 383 अवैध निर्माणों की पहचान: नगर निगम और जिला प्रशासन के संयुक्त सर्वे में 383 ऐसे अवैध निर्माण मिले हैं, जो तालाब के 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में आते हैं।

• लाल निशान मिटाने वालों पर सख्ती: प्रशासन ने तोड़ने की कार्रवाई के लिए इन सभी अवैध ढांचों पर ‘लाल निशान’ लगाए थे। कुछ अतिक्रमणकारियों ने चालाकी दिखाते हुए ये निशान मिटा दिए थे। अब प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निशान मिटाने वालों को कोई नया नोटिस नहीं दिया जाएगा, उनका निर्माण बिना किसी देरी के सीधे तोड़ा जाएगा।

• रसूखदारों के फार्महाउस भी निशाने पर: इस महा-एक्शन में सिर्फ छोटी झुग्गियां या आम लोगों के मकान ही नहीं, बल्कि कई रसूखदारों के बड़े-बड़े फार्महाउस और मैरिज गार्डन भी जमींदोज़ किए जा रहे हैं।

तालाब को बचाने की जरूरी मुहिम

भोपाल की पहचान और जीवनदायिनी माने जाने वाले बड़े तालाब को सिकुड़ने और प्रदूषण से बचाने के लिए यह कदम बहुत जरूरी था। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमण करने वालों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और प्रशासन की भारी टीम मौके पर मौजूद है और कार्रवाई लगातार जारी है।

error: Content is protected !!