अगर आप भी अक्सर परिवार या दोस्तों के साथ होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, तो सरकार की तरफ से आपके लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर है। अब कोई भी रेस्टोरेंट या होटल आपके खाने के बिल में ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल चार्ज’ के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे नहीं जोड़ सकेगा। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने होटलों की इस मनमानी पर रोक लगाते हुए नए और सख्त नियम लागू किए हैं। क्या है पूरा मामला? पिछले कुछ समय से ग्राहकों की लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कई रेस्टोरेंट खाने के बिल के साथ चुपचाप गैस और ईंधन का खर्च भी जोड़ रहे हैं। इसे देखते हुए CCPA ने एक्शन लिया है और इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ग्राहकों के साथ धोखा माना है। नए नियम की 3 बड़ी बातें: • मेन्यू का रेट ही फाइनल होगा: अब होटल के मेन्यू में जो रेट लिखा है, ग्राहक को सिर्फ वही चुकाना होगा। इसके ऊपर सिर्फ सरकार द्वारा तय टैक्स (जैसे GST) ही लगाया जा सकता है। • गैस का खर्च होटल का, ग्राहक का नहीं: CCPA ने साफ कहा है कि खाना बनाने में लगने वाली गैस या बिजली का खर्च होटल का अपना खर्च है। इसे किसी भी हाल में एक्स्ट्रा चार्ज बताकर ग्राहकों से नहीं वसूला जा सकता। • सख्त कार्रवाई की चेतावनी: अगर कोई भी होटल इस नियम को तोड़ता है या जबरदस्ती पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर आप किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं और बिल में ऐसा कोई एक्स्ट्रा चार्ज जुड़ा है, तो सबसे पहले मैनेजर को उसे हटाने के लिए कहें। अगर वह मना करता है, तो आप इन 2 तरीकों से तुरंत शिकायत कर सकते हैं: 1. सरकार के टोल-फ्री नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) नंबर 1915 पर कॉल करें। 2. NCH ऐप या ई-जागृति (e-Jagriti) पोर्टल के जरिए अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation महिला आरक्षण पर फिर छिड़ी रार: जयराम रमेश ने पीएम मोदी को कहा ‘यू-टर्न उस्ताद’, सरकार से की यह बड़ी मांग पेट्रोल-डीजल की ‘नकली’ किल्लत: मुनाफे के लालच में दलाल कर रहे जमाखोरी, पंपों से खाली हाथ लौट रही जनता