तेहरान / नई दिल्ली | 7 मार्च 2026 मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। 6 मार्च 2026 को ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से निकलने का प्रयास कर रहे तेल वाहक पोतों पर भयंकर हमले किए हैं। इस सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई ने न केवल वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को संकट में डाल दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी एक बड़ा झटका दिया है। हमलों का मुख्य विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए अपनी अनुमति को अनिवार्य कर दिया था। • मिसाइल हमला: ईरानी नौसेना के आदेशों की अवहेलना कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे एक अमेरिकी-संबद्ध तेल वाहक पोत पर सीधे मिसाइल दागी गई। हमले के परिणामस्वरूप पोत में भीषण आग लग गई। • मानवरहित नौका से प्रहार: ‘सोनांगोल नामीबे’ (Sonangol Namibe) नामक एक अन्य मालवाहक पोत को विस्फोटकों से लदी एक रिमोट-नियंत्रित नौका के माध्यम से निशाना बनाया गया, जिससे पोत को भारी क्षति पहुँची है। ईरान की स्पष्ट चेतावनी ईरानी सैन्य नेतृत्व ने क्षेत्र में अपने दबदबे को लेकर एक अत्यंत सख्त संदेश जारी किया है: “वर्तमान युद्ध जैसी स्थिति में होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर हमारा पूर्ण सामरिक नियंत्रण है। यदि किसी भी विदेशी पोत ने हमारी स्पष्ट अनुमति के बिना इस जलमार्ग को पार करने का दुस्साहस किया, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।” वैश्विक प्रभाव और मौजूदा स्थिति इस अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी है: • समुद्री मार्ग अवरुद्ध: दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। वर्तमान में यहाँ जहाजों की आवाजाही में 90% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। • बीमा कंपनियों का पीछे हटना: अंतरराष्ट्रीय समुद्री बीमा प्रदाताओं ने इस क्षेत्र को “अत्यधिक जोखिमपूर्ण” घोषित करते हुए व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा कवर देने से इनकार कर दिया है। • भारतीय नाविकों पर संकट: सैकड़ों तेल टैंकर और मालवाहक जहाज सुरक्षित बंदरगाहों से दूर खुले समुद्र में फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation ईरान संकट के बीच भारत की कूटनीतिक जीत: सरकार की मांग पर अमेरिका ने दी रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट संसद में होगा महासंग्राम: क्या 9 मार्च को ओम बिरला को छोड़नी होगी स्पीकर की कुर्सी? जानिए पूरा गणित