भोपाल/ मध्य प्रदेश: एक बुजुर्ग महिला के 35 साल लंबे संघर्ष और धैर्य की आखिरकार जीत हुई है। भोपाल में 65 साल की उपासना जौहरी को उनकी पैतृक व निजी जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया। निशातपुरा इलाके में की गई इस बड़ी कार्रवाई में करीब 20 करोड़ रुपये कीमत की 37 डेसीमल भूमि को अवैध निर्माणों से पूरी तरह खाली करवा लिया गया। तीन दशक से चल रहा था विवाद यह मामला ग्राम निशातपुरा स्थित 78 डेसीमल भूमि से जुड़ा हुआ है। इस जमीन पर कई लोगों ने अवैध रूप से पक्के मकान और दुकानें बना ली थीं। इस विवाद में वर्ष 1992 में सिविल कोर्ट ने उपासना जौहरी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिक्री जारी की थी। अदालत का आदेश होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कब्जा हटने में 35 साल का लंबा समय लग गया और पीड़िता लगातार न्याय के लिए भटकती रहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने खुद इस फाइल की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए कि अदालत के आदेश का तत्काल पालन हो और बुजुर्ग महिला को उनका अधिकार मिले। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम (राजस्व) और बैरागढ़ तहसीलदार की टीम ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया। मुक्त कराई गई संपत्ति: करीब 37 डेसीमल भूमि (अनुमानित मूल्य 20 करोड़ रुपये)। हटाए गए अवैध निर्माण: 23 रिहायशी मकान और 25 व्यावसायिक दुकानें। लंबा इंतजार: 1992 के अदालती आदेश के बाद 2026 में जाकर जमीन पर वास्तविक कब्जा मिला। प्रशासन की इस मुस्तैदी से न केवल एक बुजुर्ग नागरिक को सालों बाद इंसाफ मिला, बल्कि शहर में अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ भी सख्त संदेश गया है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation 24 वर्षीय सुनील ने जाते-जाते दी 3 लोगों को नई जिंदगी: एम्स भोपाल में 4th सफल अंगदान, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बंसल अस्पताल भेजी गई किडनी एमपी वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की 72वीं बोर्ड बैठक संपन्न, भंडारण और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने पर हुआ मंथन