भोपाल/नई दिल्ली (26 फरवरी 2026):

विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नौकरियों को लेकर चल रही ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण खत्म होने की अफवाहों पर पूर्ण रूप से विराम लग गया है। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ अन्य मंचों पर यह भ्रामक दावा किया जा रहा था कि यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने नौकरियों में EWS को मिलने वाला आरक्षण समाप्त कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी के नियमों के अनुसार, यह दावा पूरी तरह से निराधार है।

10% आरक्षण सख्ती से लागू

सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और गैर-शैक्षणिक स्टाफ की भर्तियों में EWS वर्ग के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था पहले की तरह ही सुरक्षित और सख्ती से लागू है। इसके अलावा SC, ST और OBC वर्गों का आरक्षण भी अपने निर्धारित प्रतिशत पर कायम है।

डी-रिजर्वेशन’ (De-reservation) का मसौदा हुआ था रद्द

कुछ समय पूर्व एक विवाद सामने आया था जब यूजीसी के एक ड्राफ्ट में सुझाव दिया गया था कि यदि आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS) के योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते हैं, तो उन पदों को सामान्य (Unreserved) कर दिया जाए। हालांकि, इस पर कड़ा ऐतराज जताए जाने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने तुरंत इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी आरक्षित पद को सामान्य श्रेणी में नहीं बदला जाएगा और EWS के खाली पद केवल EWS उम्मीदवारों से ही भरे जाएंगे। बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने के निर्देश हैं।

अस्थायी नियुक्तियों में भी आरक्षण अनिवार्य

आरक्षण खत्म होने के बजाय, इसे और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया गया है। यूजीसी द्वारा जारी हालिया निर्देशों के तहत, अब विश्वविद्यालयों में 45 दिन या उससे अधिक की अवधि वाली सभी ‘अस्थायी’ (Temporary) और गेस्ट फैकल्टी (Guest Faculty) नियुक्तियों में भी EWS सहित पूरा आरक्षण रोस्टर लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मेरिट वाले छात्रों को मिलेगा ‘जनरल’ सीट का लाभ

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में सरकारी नौकरियों को लेकर दिए गए एक अहम फैसले में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि EWS, OBC, SC या ST का कोई भी उम्मीदवार अपनी योग्यता (मेरिट) के आधार पर सामान्य (General) कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो उसे ‘अनारक्षित’ सीट पर नियुक्ति दी जाएगी।

छात्रों और युवाओं को सलाह

यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे यूट्यूब या सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए फैलाई जा रही क्लिकबेट और झूठी खबरों पर ध्यान न दें। किसी भी नए नियम या भर्ती प्रक्रिया की प्रामाणिक जानकारी के लिए सीधे यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) या संबंधित विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन को ही अंतिम सत्य मानें।

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