भोपाल, मध्य प्रदेश

24 फरवरी 2026

आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विशाल ‘किसान सम्मेलन’ (जिसे ‘किसान महा चौपाल’ भी कहा जा रहा है) का सफल आयोजन हुआ। इस बड़े राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य रूप से शिरकत की।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हाल ही में सामने आए ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौते’ (India-US Trade Deal) के खिलाफ किसानों को जागरूक करना और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करना था।

1. विरोध का मुख्य कारण: भारत-अमेरिका ट्रेड डील

इस महा चौपाल का पूरा फोकस भारत और अमेरिका के बीच हो रहे व्यापार समझौते पर था। कांग्रेस और उपस्थित किसान नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि यह डील भारतीय किसानों, विशेषकर मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बेहद नुकसानदायक है।

• प्रभावित फसलें: कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस समझौते से विदेशी कृषि उत्पाद सस्ते में भारत आएंगे, जिससे मध्य प्रदेश में प्रमुखता से उगाई जाने वाली सोयाबीन, मक्का और कपास के किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाएगा।

• नेताओं का तर्क: पार्टी ने इसे “गले पर तलवार रखकर थोपा गया समझौता” करार दिया। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन इस डील से अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी की जा रही है।

2. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का संबोधन

दोपहर करीब 2 बजे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भोपाल पहुंचे। उन्होंने भोपाल के जवाहर चौक स्थित अटल पथ पर एकत्रित लाखों किसानों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

• दोनों वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के अन्नदाताओं की आजीविका और रोजी-रोटी का सवाल है।

• मंच से केंद्र सरकार से इस “किसान-विरोधी” डील को तुरंत रद्द करने की मांग की गई।

• जनसभा के बाद, दोनों नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें भी कीं ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।

3. आयोजन का स्वरूप और भारी भीड़

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में इस आयोजन के लिए भव्य तैयारियां की गई थीं।

• जवाहर चौक पर दो बड़े गुंबद (Domes) और एक विशाल मंच बनाया गया था, जहां लगभग 250 नेताओं के बैठने की व्यवस्था थी।

• कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिछले कुछ दिनों में गांव-गांव जाकर किसानों को इस डील के नुकसान समझाए थे, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश भर से लगभग एक लाख से अधिक किसान अपने ट्रैक्टरों और वाहनों से भोपाल पहुंचे।

4. देशव्यापी अभियान का शंखनाद

भोपाल का यह सम्मेलन कोई इकलौता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि कांग्रेस के एक बड़े देशव्यापी अभियान की शुरुआत है। मध्य प्रदेश से शंखनाद करने के बाद, कांग्रेस अब इसी तरह के किसान सम्मेलन महाराष्ट्र (यवतमाल में 7 मार्च), राजस्थान (श्रीगंगानगर), हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और बिहार में भी आयोजित करने जा रही है।

5. चर्चा में रहा एक और वाकया

आज के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी का एक मानवीय पहलू भी सुर्खियों में रहा। भोपाल के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले, दिल्ली में उन्होंने अपना काफिला रुकवाकर सड़क हादसे में घायल एक ऑटो-रिक्शा चालक की मदद की और उसका हालचाल जाना।

निष्कर्ष: आज का भोपाल किसान सम्मेलन पूरी तरह से ‘भारत-अमेरिका ट्रेड डील’ के विरोध पर केंद्रित रहा। इसके जरिए कांग्रेस ने न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के किसानों को एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि विदेशी व्यापार नीतियों से उनकी खेती पर क्या संकट आ सकता है।

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