लोकसभा/नई दिल्ली, 11 मार्च: लोकसभा में आज का दिन भारी हंगामे और तीखी बहस के नाम रहा। विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को हटाने के लिए लाया गया प्रस्ताव आज सदन में पूरी तरह से गिर गया है। इसका मतलब है कि ओम बिरला आगे भी स्पीकर की कुर्सी पर बने रहेंगे। कैसे खारिज हुआ प्रस्ताव? विपक्ष को उम्मीद थी कि इस मुद्दे पर लंबी बहस और वोटिंग होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सदन में सरकार के पास सांसदों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसलिए, जब यह प्रस्ताव पेश किया गया, तो इसे सिर्फ ‘ध्वनि मत’ (Voice Vote) यानी सांसदों की ‘हाँ’ और ‘ना’ की आवाज़ सुनकर ही नामंजूर कर दिया गया। विपक्ष के पास जरूरी नंबर नहीं होने के कारण किसी मशीन से वोटिंग कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी। अमित शाह और राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग इस फैसले के दौरान सदन में माहौल काफी गर्म रहा: • अमित शाह का हमला: गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर ओम बिरला का बचाव करते हुए विपक्ष पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने खास तौर पर राहुल गांधी की संसद में कम उपस्थिति (Attendance) को लेकर सवाल उठाए, जिस पर विपक्षी सांसदों ने भारी हंगामा किया और उनसे माफी की मांग की। • राहुल गांधी का पलटवार: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा किसी 1 पार्टी की जागीर नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें संसद में कई बार बोलने से रोका गया है और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई है। LPG के मुद्दे पर भी हुआ हंगामा स्पीकर के मुद्दे के अलावा, आज सुबह विपक्ष ने रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतों को लेकर भी खूब शोर मचाया। इन सभी मुद्दों पर दिन भर चले भारी हंगामे और प्रस्ताव के खारिज होने के बाद, लोकसभा की कार्यवाही को आज के लिए रोक (Adjourn) दिया गया है। अब नियम के अनुसार, विपक्ष इस चल रहे सत्र (Session) में स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव दोबारा नहीं ला सकता। उनके पास अब सिर्फ सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने या अगले सत्र का इंतज़ार करने का ही रास्ता बचा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation बैंकों का पैसा डुबाने वालों की अब खैर नहीं! सरकार ने दिवालिया कानून में किया बड़ा बदलाव। संसद में ‘डिप्टी स्पीकर’ पद पर घमासान: अमित शाह का कांग्रेस पर जोरदार पलटवार