इंदौर, 7 मार्च 2026:

मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन (पंजीयन) की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया गया है। शासन ने यह कदम पोर्टल की धीमी गति को देखते हुए उठाया है। परंतु, ज़मीनी हकीकत यह है कि किसानों के लिए यह मोहलत नाकाफी साबित हो रही है, क्योंकि ई-उपार्जन पोर्टल केवल अभी नहीं, बल्कि पहले दिन से ही गंभीर तकनीकी खामियों का शिकार है।

सर्वर की विफलता ने बढ़ाई चिंता

किसानों की प्रमुख शिकायत है कि वेबसाइट पर समस्या केवल अंतिम दिनों की भीड़ के कारण नहीं आई है। शुरुआत से ही सर्वर पूरी तरह से ठप पड़ा है। व्यवस्था को उन्नत बनाने के उद्देश्य से आधार, समग्र आईडी और भू-अभिलेख (खसरा) का जो ऑनलाइन एकीकरण किया गया है, वही अब सबसे बड़ी बाधा बन गया है। सर्वर की इस सुस्त चाल के कारण न तो समय पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मोबाइल पर आ रहा है और न ही बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) सत्यापन ठीक से काम कर रहा है।

कियोस्क और सोसायटियों के चक्कर काटने को विवश अन्नदाता

अपना पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए किसान अहले सुबह से लेकर देर रात तक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), एमपी ऑनलाइन कियोस्क और प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के बाहर कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई बार घंटों इंतज़ार करने के बाद सर्वर क्रैश हो जाता है और पूरी प्रक्रिया फिर से दोहरानी पड़ती है।

किसानों का स्पष्ट रूप से कहना है कि, “जब सरकारी पोर्टल ही काम नहीं कर रहा है, तो केवल तारीखें बढ़ाने से क्या हासिल होगा? सरकार को कागज़ी आदेशों से आगे बढ़कर पहले अपने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) तंत्र को दुरुस्त करना चाहिए।”

प्रशासनिक स्तर पर स्थायी समाधान की दरकार

हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि तकनीकी टीम निरंतर सर्वर की क्षमता बढ़ाने और खामियों को दूर करने में जुटी है, लेकिन धरातल पर यह समस्या जस की तस बनी हुई है। किसान संगठनों और जन-प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बिना विलंब किए ई-उपार्जन साइट की तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही, जब तक सर्वर पूरी तरह से सुचारू नहीं हो जाता, तब तक पंजीयन की अंतिम तिथि को किसानों की सुविधा के अनुसार बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित न रहे।

किसान ध्यान दें

सीएम हेल्पलाइन का उपयोग: आप मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके यह शिकायत अनिवार्य रूप से दर्ज कराएँ कि पंजीयन पोर्टल शुरुआत से ही काम नहीं कर रहा है। जितनी अधिक शिकायतें होंगी, सरकार का ध्यान उतनी जल्दी इस खामी की ओर जाएगा।

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