अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कच्चे तेल पर 30 दिन की विशेष छूट दी है। इस फैसले के बाद भारत के बाजार में हलचल तेज हो गई। इसी बीच खबर उड़ी कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5 मिलियन बैरल तेल खरीद लिया है, लेकिन अब खुद कंपनी ने इस खबर को पूरी तरह से झूठा बताया है। आइए समझते हैं इस पूरी खबर का सच क्या है।

ट्रंप का 30 दिन का ऑफर क्या है?

• 20 मार्च 2026 को अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के तेल पर 30 दिन की छूट का ऐलान किया था।

• यह छूट सिर्फ 19 अप्रैल 2026 तक रहेगी।

• इसका फायदा सिर्फ उस तेल पर मिलेगा जो पहले से समुद्र में जहाजों (टैंकरों) पर भरा हुआ है। सीधे ईरान से नया तेल खरीदने पर कोई छूट नहीं है।

• मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल महंगा हो रहा था, इसलिए ट्रंप ने ग्लोबल मार्केट में कीमतें कम करने के लिए यह कदम उठाया है।

रिलायंस की खरीदारी का सच (Fact Check)

• अफवाह: मार्केट में खबर थी कि रिलायंस ने छूट का फायदा उठाते हुए ईरान से 5 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा है।

• सच: 26 मार्च 2026 को रिलायंस ने आधिकारिक बयान जारी करके इसे बिल्कुल गलत बताया है। कंपनी ने साफ कहा है कि उन्होंने ईरान से कोई तेल नहीं खरीदा है और यह खबर पूरी तरह भ्रामक है।

भारत सरकार और तेल कंपनियों का स्टैंड

• भारत सरकार या किसी भी सरकारी तेल कंपनी की अभी ईरान के साथ कोई डील नहीं हुई है।

• ईरान अभी भी इंटरनेशनल बैंकिंग सिस्टम (SWIFT) से बाहर है, इसलिए सबसे बड़ी समस्या पेमेंट की है।

• जब तक पेमेंट और इंश्योरेंस के नियम पूरी तरह साफ नहीं हो जाते, भारत की सरकारी कंपनियां कोई भी कदम उठाने से बच रही हैं।

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